प्यासे जीवों के लिए जल, प्रकृति के लिए हरियाली: अंकुरण तरु और शाकुंतलम पार्क समिति की अनूठी पहल
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सतना। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अंकुरण तरु पर्यावरण संरक्षण संस्था एवं शाकुंतलम पार्क समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता तथा प्रकृति के प्रति मानवीय दायित्वों को लेकर एक प्रेरणादायी अभियान का आयोजन किया गया। संस्था की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल तथा शाकुंतलम पार्क समिति के अध्यक्ष सत्यभूषण सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज को करुणा, सह-अस्तित्व और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश दिया।

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए पशु-पक्षियों एवं अन्य मूक प्राणियों के लिए पार्क परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पानी से भरे जलपात्र एवं नांद स्थापित किए गए। इस पहल का उद्देश्य गर्मी के दिनों में पेयजल के अभाव से जूझ रहे जीवों को राहत प्रदान करना तथा समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित करना था।
इसके साथ ही पर्यावरण को हरित एवं स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से पौधारोपण किया गया। उपस्थित सदस्यों ने पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली, जैव विविधता के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश भी दिया गया।
अंकुरण तरु की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल ने कहा कि “प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी है। एक पौधा लगाना और एक प्यासे जीव के लिए पानी की व्यवस्था करना छोटे कार्य अवश्य हैं, किंतु इनके माध्यम से हम संवेदनशील और उत्तरदायी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”
शाकुंतलम पार्क समिति के अध्यक्ष सत्यभूषण सिंह ने कहा कि “पशु-पक्षी और अन्य जीव इस पृथ्वी के समान अधिकार वाले निवासी हैं। उनके लिए जल और संरक्षण की व्यवस्था करना हमारी संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। पर्यावरण संरक्षण तभी सार्थक होगा जब उसमें सभी जीवों के प्रति करुणा और सह-अस्तित्व की भावना समाहित हो।”
कार्यक्रम में चौरसिया आदर्श महिला क्लब, करुणा संस्था तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री राम दुबे सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने सहभागिता निभाई। सभी ने मिलकर एक-एक पौधा लगाने, जीव-जंतुओं के लिए जल की व्यवस्था करने तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
अंत में संस्था अध्यक्ष सीमा अग्रवाल ने सभी सहयोगी संस्थाओं, सदस्यों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जीवनशैली है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संकल्प ले, तो एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव है।
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