स्नानागार के नाम पर लाखों का खेल? राशि आहरित, ज़मीन पर नहीं हुआ कोई निर्माण !
1 min read

धरमजयगढ़ – ग्राम पंचायत उदउदा के कारीगढड़ाई गांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से प्रस्तावित महिला स्नानागार निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2023-24 में लगभग एक लाख रुपये की लागत से महिला स्नानागार का निर्माण कराया जाना था, लेकिन गांव में इस निर्माण का कहीं कोई अस्तित्व दिखाई नहीं दे रहा है।
जानकारी के अनुसार संबंधित कार्य की पूरी राशि हनुमान फ्लाई ऐश ब्रिक्स सहित अन्य व्यक्तियों के नाम भुगतान किए जाने का उल्लेख अभिलेखों में दर्ज है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसी भी प्रकार का महिला स्नानागार निर्मित नहीं हुआ है और उन्हें ऐसे किसी निर्माण कार्य की जानकारी भी नहीं है।
ग्रामीणों के बयान और अभिलेखों में दर्ज भुगतान की स्थिति के बीच स्पष्ट विरोधाभास सामने आने से पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है। यदि पंचायत रिकॉर्ड में निर्माण पूर्ण दर्शाकर राशि आहरित कर ली गई है, जबकि स्थल पर कोई निर्माण मौजूद नहीं है, तो यह शासकीय राशि के दुरुपयोग, फर्जी मस्टर रोल, बिल-वाउचर और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता का गंभीर मामला हो सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्वीकृत महिला स्नानागार वास्तव में कहां बना, निर्माण सामग्री का उपयोग कैसे हुआ और भुगतान किन आधारों पर किया गया। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जाए तो पंचायत स्तर पर हुए वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा खुलासा सामने आ सकता है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और शासकीय धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
Subscribe to my channel