जंतर-मंतर के आंदोलन की गूंज धरमजयगढ़ तक, छात्र एकता ने शिक्षा सुधार और सड़क सुरक्षा को लेकर सौंपे दो अहम ज्ञापन
1 min read

धरमजयगढ़ – देशभर में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे आंदोलन की गूंज अब धरमजयगढ़ तक पहुंच गई है। इसी क्रम में छात्र एकता धरमजयगढ़ ने अध्यक्ष अंकित यादव के नेतृत्व में जिला कलेक्टर रायगढ़ के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन सौंपने से पहले छात्र एकता ने एक सार्वजनिक आह्वान जारी कर क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। जारी पोस्टर में “पेपर लीक बंद करो”, “भ्रष्टाचार और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का शंखनाद” तथा “शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर प्रहार” जैसे संदेश प्रमुखता से दिए गए। साथ ही जंतर-मंतर में शिक्षा सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन का भी उल्लेख किया गया।
शिक्षा व्यवस्था संबंधी ज्ञापन में संगठन ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। इससे प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है और युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ा है। संगठन ने मांग की कि पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सशक्त एवं सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित की जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दूसरे ज्ञापन में धरमजयगढ़–कापू मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के समीप तथा अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, रम्बल स्ट्रिप और गति सीमा संकेतक बोर्ड लगाए जाने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि इन उपायों से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष अंकित यादव के साथ उपाध्यक्ष विनीत नामदेव, सचिव बलभद्र यादव तथा शहबाज खान, फरहान खान, विष्णु सिंह, हितेश हलदार, देव दास, मिहिर मल्लिक, अमन निषाद और जिआउल सिद्दीकी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
छात्र एकता ने जिला प्रशासन से दोनों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। जंतर-मंतर में उठ रही शिक्षा सुधार की राष्ट्रीय आवाज और धरमजयगढ़ में छात्रों द्वारा किए गए इस संगठित प्रयास को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बढ़ते जनदबाव के रूप में देखा जा रहा है।
Subscribe to my channel