ए.के.एस. विश्वविद्यालय के डॉ. प्रमोद सिंह के मार्गदर्शन में विकसित मशीन लर्निंग आधारित साइबर सुरक्षा उपकरण को भारत सरकार से अभिकल्प पंजीकरण
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह के मार्गदर्शन में विकसित “क्लाउड कंप्यूटिंग में अनधिकृत घुसपैठ की पहचान हेतु मशीन लर्निंग आधारित उपकरण” को

भारत सरकार के डिज़ाइन कार्यालय द्वारा अभिकल्प (डिज़ाइन) पंजीकरण प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में संस्थान की शोध क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।

इस अभिनव तकनीकी उपकरण का अभिकल्प पंजीकरण संख्या 499777-001 के अंतर्गत 27 अप्रैल 2026 को किया गया। इस अनुसंधान एवं नवाचार कार्य में डॉ. प्रमोद सिंह, डॉ. पिंकी शर्मा, अक्षय सिंह ठाकुर, शंकर बेरा, विनय कुमार द्विवेदी तथा संतोष सोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शोध दल ने मशीन लर्निंग आधारित ऐसी तकनीक विकसित की है, जो क्लाउड कंप्यूटिंग वातावरण में होने वाली संदिग्ध एवं अनधिकृत गतिविधियों का विश्लेषण कर साइबर हमलों की प्रारंभिक अवस्था में ही उनकी पहचान करने में सक्षम है।

यह उपकरण संभावित साइबर खतरों का समय रहते पता लगाकर डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने, नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा क्लाउड आधारित सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वर्तमान समय में शासन, बैंकिंग, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स तथा अन्य डिजिटल सेवाओं में क्लाउड प्रौद्योगिकी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह नवाचार सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना के निर्माण और साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है।

उल्लेखनीय है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग आधारित साइबर सुरक्षा समाधान आज विश्वभर में डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी तकनीकों में शामिल हैं। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित यह उपकरण न केवल साइबर सुरक्षा अनुसंधान को नई दिशा देगा, बल्कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नवप्रवर्तकों को अत्याधुनिक तकनीकों पर अनुसंधान के लिए भी प्रेरित करेगा।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री बी.पी. सोनी, प्रो-चांसलर ई. अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी.ए. चोपड़े तथा कुलसचिव डॉ. आर.एस. त्रिपाठी ने डॉ. प्रमोद सिंह एवं उनकी शोध टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में इसी प्रकार की उपलब्धियाँ निरंतर प्राप्त होती रहेंगी तथा ए.के.एस. विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

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