स्व अरविंद भाई मफ़त लाल एवं स्व पद्मश्री डॉ बी के जैन के सपनों को साकार करना है मुख्य उद्देश्य, डॉ इलेश जैनचित्रकूट सहित समूचे विंध्य वासियों को मिले अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था
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चित्रकूट- संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा संस्थापित श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित श्री सदगुरु नेत्र चिकित्सालय एवं जानकीकुंड चिकित्सालय के निदेशक एवं ट्रस्टी डॉ इलेश जैन ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि पूज्य गुरुदेव भगवान का पूरा जीवन सेवा, धर्म, परायण पर आधारित था और इसी के चलते इस ट्रस्ट की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष स्व.अरविंद भाई मफ़त लाल एवं ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक रहे स्व. पद्मश्री डॉ बी के जैन का सपना और सोंच थी कि चित्रकूट क्षेत्र जैसे ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों को कैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएँ इसके लिए ओ निरंतर कैंप शिविर आदि के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते रहते थे। लेकिन आज उनके सपनों और सोंच को साकार रूप देने के लिए हम निरंतर प्रयासरत रहते है।इसके लिए उन्होंने बताया कि आज कि तारीख में नेत्र चिकित्सालय में नेत्र रोग से संबंधित हर बीमारी के ईलाज की व्यवस्था है और हर नेत्ररोग के विभाग भी अलग से है अर्थात सबस्पेशलिटी की व्यवस्था उपलब्ध है, और लगभग 150 नेत्र चिकित्सक काम कर रहे हैं। वहीं उन्होंने बताया कि जानकीकुंड चिकित्सालय में जनरल सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ,शिशु रोग विशेषज्ञ, गाइनकोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट,फिजियोथैरेपी,साथ ही दिल्ली से आये दो फिजिशियन निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे है एवं समय समय पर टीवी रोग कैंप, हृदय रोग कैंप, न्यूरो कैंप आदि के माध्यम से लोगों बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्व.अरविंद भाई और स्व. डॉ जैन के सपनों को साकार करना हमारा मुख्य उद्देश्य है और चित्रकूट सहित समूचे विंध्य के लोगों को कैसे बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिले इसके लिए हम निरंतर प्रयासरत रहते है
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