कुंजारा रोड से तोलगे-मिलूपारा जाने वाली सड़क जर्जर, ग्रामीणों में नाराजगी
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लैलूंगा। कुंजारा रोड से तोलगे और मिलूपारा जाने वाली सड़क लंबे समय स जर्जर हालत में है। कुंजारा रोड से तोलगे-मिलूपारा जाने वाली सड़क जर्जर, ग्रामीणों में नाराजगी पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और कई स्थानों पर गिट्टी उखड़ चुकी है। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर चलना और भी मुश्किल हो जाता है।
इस मार्ग से रोजाना ग्रामीण, विद्यार्थी, कऔर वाहन चालक आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं मरीजों और स्कूली बच्चों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की देखकर
रोड से तोलगे और मिलूपारा जाने वाली सड़क की जर्जर हालत ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर डामर और गिट्टियां पूरी तरह उखड़ गई हैं। हालात ऐसे हैं कि यह सड़क अब सुगम आवागमन का माध्यम कम और दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाला मार्ग अधिक नजर आती है।
इस मार्ग से प्रतिदिन ग्रामीण, विद्यार्थी, किसान, मजदूर और वाहन चालक आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलने को मजबूर होते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
**बारिश में सड़क बन जाती है दलदल**
बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है और कई हिस्सों में कीचड़ फैल जाता है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालक अक्सर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सड़क पार करने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर सफर करना और भी जोखिम भरा हो जाता है। सड़क की खराब स्थिति और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के अभाव में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान भी एंबुलेंस और अन्य वाहनों को काफी परेशानी होती है।
**मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति से नहीं चलेगा काम**
स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क की समस्या का अस्थायी समाधान अब पर्याप्त नहीं है। केवल गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी डाल देने से कुछ समय बाद सड़क फिर उसी स्थिति में पहुंच जाती है। ग्रामीणों ने सड़क का तकनीकी निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण, मजबूत डामरीकरण और उचित जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं होने के कारण मार्ग लगातार खराब होता जा रहा है। संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरम्मत कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ धरातल पर भी दिखाई दे।
**ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी**
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल स्थल निरीक्षण कर सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। लोगों ने कहा कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही गंभीरता दिखानी चाहिए।
**टिप्पणी: विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनी बदहाल सड़क**
किसी भी क्षेत्र का विकास अच्छी सड़क व्यवस्था के बिना संभव नहीं है। कुंजारा रोड से तोलगे–मिलूपारा जाने वाली सड़क की बदहाली केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ा गंभीर विषय है।
सरकार और प्रशासन गांवों के विकास का दावा करते हैं, लेकिन जब ग्रामीणों को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए गड्ढों और कीचड़ से होकर गुजरना पड़े, तो विकास के दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जिम्मेदार विभाग को तत्काल कार्रवाई करते हुए सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण नवीनीकरण कराना चाहिए। ग्रामीणों को आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़क चाहिए।
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