कर्तव्य निभाते हुए बुझ गया एक घर का चिराग:सड़क हादसे में आरक्षक संदीप शुक्ला का निधन
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सतना- चित्रकूट थाना में पदस्थ आरक्षक संदीप शुक्ला की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। कर्तव्य निर्वहन के दौरान हुए इस हादसे ने न केवल पुलिस विभाग को झकझोर दिया है, बल्कि उनके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके असामयिक निधन से पुलिस महकमे और क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार आरक्षक संदीप शुक्ला न्यायालय का सम्मन तामील कराने के लिए कर्वी गए थे। मंगलवार की रात लगभग 11 बजे ड्यूटी पूरी कर वापस लौटते समय कर्वी मार्ग पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
पिता की विरासत संभालने पुलिस सेवा में आए थे
आरक्षक संदीप शुक्ला को उनके पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए पुलिस सेवा को अपना कर्मक्षेत्र बनाया था। जनवरी 2026 में उनकी पदस्थापना चित्रकूट थाना में हुई थी, जहां वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे।
पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार
संदीप शुक्ला अपने पीछे वृद्ध मां, पत्नी और चार वर्षीय मासूम बेटे को छोड़ गए हैं। परिवार का इकलौता सहारा रहे संदीप की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं चित्रकूट थाना सहित पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।
सहकर्मियों के अनुसार संदीप शुक्ला सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ड्यूटी के दौरान हुई यह दुर्घटना एक बार फिर उन जोखिमों की याद दिलाती है, जिनका सामना पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा और न्यायिक कार्यों के निर्वहन में प्रतिदिन करते हैं।

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