ए.के.एस. विश्वविद्यालय की डॉ. शिल्पी सिंह को पीएच.डी. की उपाधि, केले में रोग नियंत्रण पर महत्वपूर्ण शोधएंडोफाइटिक जीवाणुओं की भूमिका पर किया शोध, अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए शोध-पत्र
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की श्रीमती शिल्पी सिंह ने शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने अपना शोध कार्य प्रो. कमलेश चौरे के मार्गदर्शन में पूर्ण किया।डॉ. शिल्पी सिंह ने “रोग दमन एवं वृद्धि संवर्धन में एंडोफाइटिक जीवाणुओं की भूमिका : मूसा एक्यूमिनाटा ग्रैंड नैन” विषय पर शोध किया।

शोध में केले की ग्रैंड नैन प्रजाति में रोगों के दमन तथा पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने में एंडोफाइटिक जीवाणुओं की भूमिका का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया।शोध कार्य के दौरान डॉ. शिल्पी सिंह ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक निष्कर्षों पर कार्य करते हुए अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में विभिन्न शोध-पत्र प्रकाशित किए। उनका शोध कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोगी योगदान माना जा रहा है।ए.के.एस. विश्वविद्यालय परिवार ने डॉ. शिल्पी सिंह को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी। विश्वविद्यालय ने उनके उत्कृष्ट शोध कार्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अकादमिक उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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