बदरा पंचायत में ₹8.21 लाख के भुगतानों पर सवाल, भवन निर्माण सामग्री विक्रेता से खरीदा गया कमर्शियल पंप!
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बोर ड्रिलिंग, पाइप, सबमर्सिबल सेट और पंप के नाम पर भुगतान; बिलों की श्रृंखला ने बढ़ाई जांच की जरूरत


अनूपपुर। यशपाल जाट
ग्राम पंचायत बदरा में विकास कार्यों और सामग्री खरीदी के नाम पर किए गए भुगतानों को लेकर सवाल गहराते जा रहे हैं। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार पांच बिलों में करीब ₹8 लाख 21 हजार 861.95 रुपये की राशि का भुगतान दर्शाया गया है। इन बिलों में बोर ड्रिलिंग, 90 एमएम पाइप, HDPE पाइप, पंप हाउस, सबमर्सिबल सेट, मोटर, प्लंबिंग एवं इलेक्ट्रिकल सामग्री सहित कई मद शामिल हैं।
मामले को और गंभीर बनाने वाला पहलू यह है कि दस्तावेजों में भवन निर्माण सामग्री का कारोबार करने वाले S.B. Traders से कमर्शियल पंप/पंप संबंधी सामग्री की खरीदी भी दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि संबंधित विक्रेता के पास जिस सामग्री की सप्लाई दिखाई गई है, क्या वह उसके व्यवसाय एवं बिलिंग प्रोफाइल के अनुरूप थी? क्या सामग्री वास्तव में खरीदी गई और पंचायत को प्राप्त हुई?
₹2.80 लाख के 1000 मीटर पाइप की खरीदी
S.B. Traders के एक बिल में 90 एमएम डायमीटर के 1000 मीटर पाइप की खरीदी के नाम पर ₹2 लाख 80 हजार का भुगतान दर्ज है। अब यह सत्यापन जरूरी है कि 1000 मीटर पाइप वास्तव में पंचायत को प्राप्त हुआ या नहीं और यदि हुआ तो उसका उपयोग किस स्थान पर किया गया।
वहीं ज्योति स्पेयर पार्ट्स के बिल में 200 एमएम डायमीटर की 90 मीटर गहरी ड्रिलिंग के नाम पर ₹1,63,089.95 का भुगतान दर्शाया गया है। बोर की वास्तविक लोकेशन, गहराई और मौके पर उसकी स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण है।
पंप, पाइप और सबमर्सिबल के अलग-अलग भुगतान
दूसरे बिल में पंप हाउस और 63 एमएम HDPE पाइप के लिए ₹86,579, जबकि अन्य बिल में टैंक, वाटर टैंक, शटर, प्लंबिंग सामग्री, इलेक्ट्रिकल सामान, फिटिंग, टाइल्स एवं प्लंबिंग कार्य के नाम पर ₹1,31,593 का भुगतान दर्शाया गया है।
एक अन्य बिल में मोटर, सीलिंग तथा न्यू सबमर्सिबल सेट, पाइप एवं वायर रोप के नाम पर ₹1,60,600 का भुगतान दर्ज है।
ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या ये सभी खरीदारियां अलग-अलग स्वीकृत कार्यों के लिए थीं, अथवा एक ही कार्य से संबंधित सामग्री के लिए अलग-अलग बिलों के माध्यम से भुगतान किया गया?
भौतिक सत्यापन से सामने आएगा सच
पूरे मामले में पंचायत के स्टॉक रजिस्टर, सामग्री प्राप्ति रजिस्टर, माप पुस्तिका (MB), कार्यादेश, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति, सप्लाई वाउचर और बैंक भुगतान की जांच आवश्यक है।
खास तौर पर यह जांच होनी चाहिए कि—
कमर्शियल पंप/पंप संबंधी सामग्री वास्तव में पंचायत को मिली या नहीं?
संबंधित विक्रेता के पास ऐसी सामग्री की बिक्री का वैध रिकॉर्ड है या नहीं?
1000 मीटर 90 एमएम पाइप मौके पर उपलब्ध है या नहीं?
90 मीटर की बोर ड्रिलिंग वास्तव में हुई या नहीं?
बिलों में दर्शाए गए मोटर, सबमर्सिबल और अन्य सामग्री कहां स्थापित हैं?
प्रत्येक भुगतान से पहले पंचायत द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया गया या नहीं?
बिलों के आधार पर भ्रष्टाचार को सिद्ध नहीं कहा जा सकता, लेकिन सामग्री की प्रकृति, भुगतान और मौके पर उपलब्धता को देखते हुए स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच तथा भौतिक सत्यापन बेहद जरूरी नजर आता है।
₹8.21 लाख के इन भुगतानों में कितना खर्च वास्तव में जमीन पर उतरा और कितना केवल कागजों में—जांच के बाद ही इसका खुलासा होगा।
यशपाल जाट | अनूपपुर




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