13 गांवों में भेजे गए एकेएस विश्वविद्यालय के कृषि विद्यार्थी, किसानों के साथ सीखेंगे आधुनिक खेती की बारीकियां
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सतना। नैक एक्रेडिटेड एवं यूजीसी से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के कृषि संकाय के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों का ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (आरएडब्ल्यूई) कार्यक्रम के अंतर्गत सतना जिले के 13 गांवों में विलेज प्लेसमेंट किया गया। कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं निर्धारित अवधि तक गांवों में रहकर किसानों के साथ कार्य करेंगे और कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास तथा कृषि प्रसार गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

आरएडब्ल्यूई कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषि क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों तथा किसानों की समस्याओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं कृषि संबंधी वैज्ञानिक तकनीकों, नवाचारों और शासकीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने का कार्य भी करेंगे। साथ ही वे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कृषि उत्पादन और आजीविका सुधार से जुड़े विषयों पर किसानों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थी किसानों की समस्याओं का अध्ययन कर उनके संभावित समाधान सुझाएंगे तथा खेत स्तर पर कृषि प्रसार गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और कृषि विस्तार संबंधी व्यावहारिक दक्षता का विकास होगा।
इस अवसर पर कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. ए. के. भौमिक, कृषि प्रसार विभाग की डॉ. रफिया अमीन, अनूप शुक्ला एवं शिवराम प्रजापति ने विद्यार्थियों को कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अनुशासन, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, आरएडब्ल्यूई कार्यक्रम कृषि शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को खेत और गांव की वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों में व्यावसायिक दक्षता विकसित होती है और वे कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
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