एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन निर्माण सामग्री परिषद (एनसीबी) के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर ।
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सतना, 13 जून 2026। उद्योग एवं शिक्षाजगत के मध्य सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा सीमेंट एवं निर्माण क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन निर्माण सामग्री परिषद , बल्लभगढ़, हरियाणा के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम एनसीबी परिसर, बल्लभगढ़ में आयोजित किया गया।
एनसीबी भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक शीर्ष अनुसंधान संस्थान है, जो सीमेंट, कंक्रीट एवं भवन निर्माण सामग्री उद्योगों के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, प्रशिक्षण, परामर्श तथा औद्योगिक सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है।
समझौता ज्ञापन पर 9 जून 2026 को एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के प्रो-चांसलर एवं चेयरमैन श्री अनंत कुमार सोनी तथा एनसीबी, बल्लभगढ़ के महानिदेशक डॉ. एल. पी. सिंह ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।

इस सहयोग का उद्देश्य सीमेंट टेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, रसायन विज्ञान तथा अन्य संबद्ध विषयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
समझौते के अंतर्गत एकेएस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, औद्योगिक प्रशिक्षण तथा एनसीबी की उन्नत अनुसंधान सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। इस सहयोग की एक विशेष उपलब्धि सीमेंट टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक एनसीबी सीमेंट सिम्युलेटर पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे उन्हें आधुनिक सीमेंट निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय सुविधाओं के साझा उपयोग, वैज्ञानिक ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं सम्मेलनों के संयुक्त आयोजन का भी मार्ग प्रशस्त करेगा।
समझौते का एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि एनसीबी को एकेएस विश्वविद्यालय के बाह्य अनुसंधान केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत एनसीबी के वैज्ञानिक एवं अभियंता यूजीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दोनों संस्थानों के संयुक्त मार्गदर्शन में एकेएस विश्वविद्यालय से पीएच.डी. कार्यक्रम में पंजीकरण करा सकेंगे।
यह सहयोग नवाचार को बढ़ावा देने, उद्योगोन्मुख अनुसंधान को सशक्त बनाने तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, एकेएस विश्वविद्यालय सीमेंट टेक्नोलॉजी में एनसीबी द्वारा संचालित प्रतिष्ठित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में भी सहयोग प्रदान करेगा, जिससे सतना एवं अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी कुशल मानव संसाधन के विकास, अनुसंधान की उन्नति तथा सीमेंट एवं निर्माण क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को नई दिशा प्रदान करेगी।
इस अवसर पर एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के प्रो. जी. सी. मिश्रा, प्रो-वाइस चांसलर (गुणवत्ता आश्वासन एवं प्रत्यायन) तथा एनसीबी, बल्लभगढ़ के डॉ. कपिल कुकरेजा, एचओसी-सीएमई उपस्थित रहे और उन्होंने समझौता हस्ताक्षर समारोह के साक्षी के रूप में सहभागिता की।
यह समझौता प्रारंभिक रूप से पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा तथा दोनों संस्थानों की पारस्परिक सहमति से इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकेगा।
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