ए.के.एस. यूनिवर्सिटी में कृषि आदान विक्रेताओं का सम्मान समारोह संपन्न
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सतना। ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के कृषि संकाय द्वारा मैनेज, हैदराबाद से संबद्ध डीएईएसआई (डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कृषि आदान विक्रेताओं के सम्मान एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीपी नंबर-2772 के कृषि आदान विक्रेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह में ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं प्रो-चांसलर इंजीनियर अनंत कुमार सोनी, प्रति कुलपति एवं रजिस्ट्रार डॉ. आर.एस. त्रिपाठी, प्रति कुलपति डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज वर्मा, फॉरेस्ट्री निदेशक डॉ. आर.सी. त्रिपाठी, प्रोफेसर डॉ. वी.डी. द्विवेदी, फैसिलिटेटर डॉ. वेद प्रकाश सिंह, कोर्स कोऑर्डिनेटर राजवीर सिंह, सहायक प्राध्यापक अयोध्या प्रसाद पाण्डेय तथा बड़ी संख्या में कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि इंजीनियर अनंत कुमार सोनी ने कहा कि डीएईएसआई कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि आदान विक्रेताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि वे किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान एवं वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देकर कार्य करने से कृषि व्यवसाय में विश्वास और निरंतरता दोनों बढ़ती हैं।
प्रति कुलपति एवं रजिस्ट्रार डॉ. आर.एस. त्रिपाठी ने कहा कि ए.के.एस. यूनिवर्सिटी का सामुदायिक रेडियो किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कृषि आदान विक्रेताओं से किसानों के साथ सतत संवाद बनाए रखने तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

प्रति कुलपति डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने कहा कि किसान अपनी कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सबसे पहले कृषि आदान विक्रेताओं से संपर्क करता है। ऐसे में उनका प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत 40 सप्ताह की अवधि में कक्षाओं एवं शैक्षणिक भ्रमणों के माध्यम से प्रतिभागियों को कृषि विज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई।
फैसिलिटेटर डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि नियमित प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यानों एवं शैक्षणिक भ्रमणों के माध्यम से कृषि आदान विक्रेताओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया गया है। इससे वे किसानों की समस्याओं के समाधान में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे तथा कृषि विस्तार प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया। दीपक सिंह को सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर गोल्ड सर्टिफिकेट, विकास राज उरमलिया को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर सर्टिफिकेट तथा अभय राज सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस अवसर पर सम्मानित कृषि आदान विक्रेताओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता तथा अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आत्मा परियोजना के परियोजना संचालक आशीष पाण्डेय, ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं प्रो-चांसलर इंजीनियर अनंत कुमार सोनी, कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. अशोक कुमार भौमिक, विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज वर्मा, कोर्स कोऑर्डिनेटर राजवीर सिंह तथा कृषि संकाय के प्राध्यापकों एवं रिसोर्स पर्सन्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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