ब्रेकिंग न्यूज़: जांजगीर चांपा की खबर, पामगढ़ स्वास्थ विभाग की लापरवाही से गांव गांव में चल रहे झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इलाज बिना डिग्री के भगवान भरोसे चला रहे है क्लीनिक
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 27 मार्च 2026।
जांजगीर चांपा। जिले के पामगढ़ विकाश खण्ड अंतर्गत ग्राम जेवरा में उप स्वास्थ केन्द्र होने के बावजूद कोमल चौहान नामक व्यक्ति बिना किसी मेडिकल डिग्री या रजिस्ट्रेशन के झोलाछाप डॉक्टर के रूप में अपने घर को क्लीनिक बनाकर इलाज कर रहा है। वह भोले-भाले ग्रामीणों को इंजेक्शन, दवाइयाँ और अन्य उपचार देकर अपना धंधा चला रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोमल चौहान के घर में ही दवा, गोली, इंजेक्शन और अन्य मेडिकल सामग्री रखी हुई है। वह बिना योग्यता के साधारण बीमारियों से लेकर गंभीर मरीजों तक का इलाज करता है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

कई ग्रामीणों ने बताया कि वह आसानी से एंटीबायोटिक इंजेक्शन और दवाइयाँ देता है, जो गलत तरीके से इस्तेमाल होने पर साइड इफेक्ट्स या जटिलताएँ पैदा कर सकता है।
कानूनी उल्लंघन:
भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) एक्ट 2019 की धारा 34 के तहत बिना डिग्री या रजिस्ट्रेशन के मेडिकल प्रैक्टिस करना दंडनीय अपराध है। इसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी करता रहा है।
जनता की मांग:
ग्रामीणों ने मीडिया से अपील की है कि इस अवैध प्रैक्टिस पर तुरंत रोक लगाई जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जांजगीर-चांपा, जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से कोमल चौहान के विरुद्ध तत्काल छापेमारी, क्लीनिक सील करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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