परीक्षा परिणाम आते ही कलेक्टर का बड़ा फैसला, 18 शिक्षकों का संलग्नीकरण निरस्त*
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संभाग व्यरो दुर्गा गुप्ता
मनेन्द्रगढ़। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम कमजोर आने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 18 शिक्षकों और व्याख्याताओं का संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। आदेश जारी होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जिले के स्कूलों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा, जिसके चलते मूल पदस्थापना छोड़कर अन्य जगहों पर संलग्न किए गए शिक्षकों को वापस उनके मूल विद्यालय भेजा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी और मनमानी संलग्नीकरण व्यवस्था से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
सूची में व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रधानपाठक तक शामिल हैं। कई शिक्षक वर्षों से मूल स्कूल छोड़कर दूसरे स्थानों में जमे हुए थे। अब कलेक्टर के इस आदेश के बाद उन्हें अपने मूल विद्यालय लौटना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा है कि कमजोर रिजल्ट पर पहली बार इतनी कड़ी कार्रवाई हुई है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्णय “तत्काल प्रभावशील” होगा, यानी किसी प्रकार की मोहलत नहीं दी गई है।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि स्कूलों में शिक्षक नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही थी, लेकिन अधिकारी कार्यालयों और पसंदीदा जगहों पर संलग्न होकर बैठे थे। अब उम्मीद है कि स्कूलों में पढ़ाई सुधरेगी और रिजल्ट बेहतर आएंगे।
जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों और लापरवाह कर्मचारियों पर भी प्रशासन का शिकंजा कस सकता है।
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