शुगर मरीजों की मजबूरी या कारोबार? “शाहजी” के वायरल विज्ञापनों पर उठे कई सवाल फेसबुक पर, उपभोक्ताओं ने जांच की मांग की
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विशेष रिपोर्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “शुगर की आयुर्वेदिक दवा” और “गारंटी से फायदा” जैसे दावे करने वाले विज्ञापनों को लेकर अब उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन प्रचारित दवाओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिला तथा शिकायत करने पर संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया।

फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो विज्ञापन में आयुर्वेदिक दवा के जरिए शुगर नियंत्रित करने का दावा किया जा रहा है। संबंधित वीडियो लिंक नीचे दिया गया है—
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कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि दवा खरीदने के दौरान “रिफंड” और “गारंटी” जैसे दावे किए गए, लेकिन बाद में कथित रूप से वैध बिल या लिखित गारंटी उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं कुछ लोगों ने ग्राहक सेवा के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। इसलिए समाचार में लगाए गए सभी आरोप उपभोक्ताओं के दावों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इस समाचार का उद्देश्य केवल जनहित में जागरूकता फैलाना और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी में किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सोशल मीडिया पर चल रहे स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों की सत्यता की जांच आवश्यक है, ताकि आम लोग भ्रामक दावों से बच सकें।
उपभोक्ताओं ने प्रशासन, आयुष विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग से मांग की है कि—

- संबंधित दवा एवं विज्ञापनों की जांच कराई जाए,
- दवा की गुणवत्ता और वैध लाइसेंस की पुष्टि की जाए,
- तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार सोशल मीडिया पर उपलब्ध विज्ञापनों, उपभोक्ताओं द्वारा साझा अनुभवों और प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभागों द्वारा आधिकारिक जांच आवश्यक होगी।
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