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March 2, 2026

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ग्राम सिगरई में “चिरायु मेडिकल” बना फर्जी क्लिनिक का अड्डा, ग्रामीणों की जान से खिलवाड़!

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🚨 ग्राम सिगरई में “चिरायु मेडिकल” बना फर्जी क्लिनिक का अड्डा, ग्रामीणों की जान से खिलवाड़!

📍 स्थान: ग्राम पंचायत सिगरई, ब्लॉक धर्मजयगढ़, जिला रायगढ़ (छ.ग.)
🖋️ रिपोर्ट: प्रेम सिंह राजपूत, राज्य प्रमुख, उद्घोष समय


✅ केवल मेडिकल स्टोर का लाइसेंस, लेकिन अवैध रूप से चला रहा है क्लीनिक!

ग्राम सिगरई में संचालित “चिरायु मेडिकल” के पास केवल दवाई बेचने का लाइसेंस (मेडिकल शॉप लाइसेंस) है, लेकिन इसके बावजूद यह दुकान क्लीनिक की तरह कार्य कर रही है — जहां पर मरीजों को इंजेक्शन, ड्रिप, बोतल, ट्रीटमेंट जैसी सेवाएं दी जा रही हैं।

📛 क्लीनिक संचालन के लिए कोई वैध रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरी डिग्री या अनुमतिपत्र नहीं है।


🔍 मौके पर हमारी टीम पहुंची तो सामने आया बड़ा खुलासा

जब “उद्घोष समय” की टीम मौके पर पहुंची और जब संचालक से वैधता को लेकर सवाल पूछे गए, तो उसने डरकर कहा:

“खबर मत चलाइए, पैसे ले लीजिए।”

लेकिन हमारी टीम ने साफ शब्दों में कहा:

“हम पत्रकार हैं, सौदेबाज नहीं। ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।”

इतना कहकर टीम वहां से रवाना हो गई और पूरे मामले को उजागर करने का संकल्प लिया।


⚠️ यह अवैधताएं सामने आईं:

✅ दवा दुकान का लाइसेंस है, लेकिन

❌ क्लीनिक, इंट्रावेनस थेरेपी (ड्रिप), इंजेक्शन, ट्रीटमेंट करने की कोई अनुमति नहीं

❌ न MBBS/नर्सिंग डिग्री

❌ नर्सिंग होम एक्ट या Clinical Establishment Act के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं

❌ बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाओं की आपूर्ति

❌ CCTV कैमरे नहीं – कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन


📢 प्रशासनिक मांगें और कानूनी पहलू:

अब जिला प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि:

🔸 बीएमओ धर्मजयगढ़
🔸 जिला चिकित्सा अधिकारी (CMHO) रायगढ़
🔸 माननीय कलेक्टर महोदय रायगढ़
🔸 औषधि निरीक्षक व स्वास्थ्य विभाग

तत्काल:

🔍 स्थलीय निरीक्षण करें

⚖️ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 336 (जीवन को खतरे में डालना)

⚖️ Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010

⚖️ Drugs & Cosmetics Act, 1940 के तहत केस दर्ज करें

🚫 क्लीनिक संचालन पर रोक और दुकान का निलंबन/सीलबंदी करें


🗣️ ग्रामीणों की मांग – “हम प्रयोग नहीं की चीज नहीं हैं, हमारा जीवन कीमती है”

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के फर्जी और खतरनाक संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी की जान के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न हो।


🔴 “पत्रकारिता बिकेगी नहीं, सच्चाई दबेगी नहीं – जनहित सर्वोपरि है।”


📩 यह रिपोर्ट जनहित में जारी की गई है।

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