चित्रकूट में त्रिदिवसीय पारंपरिक एवं गायकी- केंद्रित बहुरंगी कला उत्सव ‘शरदोत्सव’ का भव्य शुभारंभ
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चित्रकूट- में भारत रत्न नानाजी देशमुख के 110वें जन्मदिवस (शरद पूर्णिमा) के अवसर पर तीन दिवसीय ‘शरदोत्सव’ कला उत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह उत्सव मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान, सतना जिला प्रशासन और स्थानीय जनता के सहयोग से 25 से 27 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

🌟 कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं (प्रथम दिवस)

• भव्य उद्घाटन: कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य संतों, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों (श्रीमती प्रतिमा बागरी और श्री रामकेश निषाद) और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नानाजी देशमुख के चित्र पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

• सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: विभिन्न स्थानीय और प्रतिष्ठित विद्यालयों (एकलव्य विद्यालय, सद्गुरू सेवा संघ ट्रस्ट, वनवासी बालिका विद्यालय, रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय) के बच्चों द्वारा पिरामिड, गुजराती डांडिया, राजस्थानी घूमर और सामूहिक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
• भजन जैमिंग कॉन्सर्ट: टीकमगढ़ के प्रसिद्ध गायक पवन तिवारी के भक्ति गीतों और भोपाल के म्यूजिक बैंड ‘रूट्स: नादात्म’ के ‘भजन जैमिंग’ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस बैंड ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक वेस्टर्न और फ्यूजन संगीत के साथ नए कलेवर में पेश किया।

• अमृतमयी खीर प्रसाद: शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में उपस्थित हजारों दर्शकों और साधकों ने प्रसाद के रूप में अमृतमयी खीर का आनंद लिया।

📅 अगले दिन का कार्यक्रम (26 अक्टूबर)
उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या (सोमवार) को अभिनयना डांस अकादमी (जगन्नाथ पुरी) द्वारा श्रीकृष्ण बाल लीला और आशा वैष्णव (अहमदाबाद) द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।

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