Recent Posts

September 15, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

भारतमाला परियोजना: उरगा–पथलगांव खंड के पुनरेखण को PSC की मंजूरी, 23.214 हेक्टेयर वन भूमि होगी प्रभावित

1 min read
Spread the love


7.45 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित मार्ग के लिए बदलेगा सड़क का संरेखण, धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र से जुड़ा है प्रस्ताव
धरमजयगढ़ – भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–धनबाद आर्थिक गलियारे के महत्वपूर्ण हिस्से उरगा–पथलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के पुनरेखण (री-अलाइनमेंट) प्रस्ताव को प्रोजेक्ट स्क्रीन कमेटी (PSC) की बैठक में स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रस्ताव के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-130A के इस हिस्से में सड़क के संरेखण में बदलाव करते हुए 7.45 किलोमीटर लंबे चार-लेन मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र की कुल 23.214 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है।


किमी 114+410 से 121+450 तक बदलेगा सड़क का संरेखण
प्रस्तावित पुनरेखण के तहत एनएच-130A के उरगा–पथलगांव खंड में डिजाइन किमी 114+410 से किमी 121+450 तक सड़क के मार्ग में बदलाव किया जाना है। इस हिस्से की कुल लंबाई 7.45 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना का उद्देश्य चार-लेन सड़क के लिए प्रस्तावित मार्ग को नए संरेखण के अनुरूप विकसित करना है। वन भूमि के उपयोग से जुड़े प्रस्ताव के कारण इस खंड का वन स्वीकृति संबंधी पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाता है।


DSS के माध्यम से समिति के समक्ष रखे गए तथ्य
बैठक के दौरान नोडल अधिकारी ने डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के माध्यम से परियोजना से संबंधित आवश्यक तथ्यों, पृष्ठभूमि और लागू नियमों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। संबंधित वन अधिकारियों की मौजूदगी में प्रस्ताव की समीक्षा की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विचार-विमर्श और परीक्षण के बाद प्रोजेक्ट स्क्रीन कमेटी ने उरगा–पथलगांव खंड के पुनरेखण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।


वन भूमि के उपयोग पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण
इस स्वीकृति के बाद प्रस्तावित मार्ग के लिए वन भूमि के उपयोग से संबंधित आगामी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। वन भूमि के उपयोग, आवश्यक अनुमतियों, पर्यावरणीय शर्तों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की स्थिति संबंधित अभिलेखों तथा सक्षम प्राधिकारियों के निर्णयों से स्पष्ट होगी।
उरगा–पथलगांव खंड का यह पुनरेखण प्रस्ताव क्षेत्र में सड़क संपर्क और आर्थिक गलियारे के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस परियोजना की आगे की प्रगति, वन भूमि से जुड़ी औपचारिक स्वीकृतियों और निर्माण संबंधी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp