एकेएस के डॉ. अनिल मित्तल ने श्रीलंका में प्रस्तुत किया शोधपत्र सोहागपुर कोलफील्ड में भूजल-सतही जल के अंतर्संबंध पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध
1 min read
सतना। एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के खनन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार (ए.के.) मित्तल ने श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित अर्थ रिसोर्स मैनेजमेंट एंड एनवायरनमेंट इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस-2026 में अपना शोधपत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का अकादमिक प्रतिनिधित्व किया। 14 सितंबर को आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने “सोहागपुर कोलफील्ड, जिला शहडोल, मध्य प्रदेश, भारत के खनन प्रभावित क्षेत्रों में भूजल-सतही जल अंतर्संबंध का मूल्यांकन” विषय पर शोध प्रस्तुत किया।

शोध में खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में भूजल और सतही जल के पारस्परिक संबंध, जल संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव तथा उनके पर्यावरणीय प्रबंधन की चुनौतियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया। स्थानीय पर्यावरणीय सरोकार से जुड़े इस अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना एकेएस विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डॉ. मित्तल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करना ज्ञानवर्धक अनुभव रहा, इससे शोध की नई संभावनाओं और दृष्टिकोणों का विस्तार हुआ।”

डॉ. मित्तल इससे पहले भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे अब तक 15 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं और विदेश में यह उनका चौथा प्रत्यक्ष शोधपत्र प्रस्तुतीकरण है। शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में उनकी निरंतर अंतरराष्ट्रीय सहभागिता ने एकेएस विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहचान को वैश्विक मंच पर विस्तार देने में योगदान दिया है।

संगोष्ठी का सह-आयोजन मोरातुवा विश्वविद्यालय, श्रीलंका और तोहोकू विश्वविद्यालय, जापान ने किया। डॉ. मित्तल की इस उपलब्धि पर एकेएस विश्वविद्यालय के समस्त डायरेक्टर्स एवं फैकल्टी मेंबर्स ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल अकादमिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

Subscribe to my channel