एकेएस विश्वविद्यालय में एमकॉम पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश पर मंथन
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सतना। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर एकेएस विश्वविद्यालय में एमकॉम पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को शुरू हुई। उद्घाटन रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेश वर्मा और एकेएस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.ए. चोपड़े ने किया। एकेएस विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल प्राचीन ज्ञान का संकलन नहीं, बल्कि जीवन, समाज, अर्थव्यवस्था, प्रबंधन और मानवीय मूल्यों को समेटने वाली समग्र ज्ञान व्यवस्था है। उन्होंने एमकॉम जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भारतीय दृष्टिकोण को शामिल करने की जरूरत बताई।

कार्यशाला के दोनों सत्रों में एमकॉम प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में भारतीय आर्थिक चिंतन, प्राचीन वाणिज्यिक परंपराओं, नैतिक मूल्यों और भारतीय दृष्टिकोण से जुड़े विषयों को शामिल करने पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। प्रतिकुलगुरु एवं डीन, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंशियल स्टडीज, डॉ. हर्षवर्धन ने भी विचार रखे।
कार्यशाला के संयोजक वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र ओझा रहे। संचालन कंपनी सेक्रेटरी दीक्षा पांडे ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए विषय विशेषज्ञों तथा विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर कंपनी सेक्रेटरी वाले शुक्ला, एसोसिएट डीन वाणिज्य डॉ. असलम सईद, डॉ. विपुल शर्मा, कृष्ण झा, विनीत कुमार पांडे, राधा सिंह, शिवम कुमार पांडे और विपिन कुमार सोनी उपस्थित रहे।

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