जर्जर भवन में भविष्य गढ़ रहे 278 विद्यार्थी, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
1 min read
छत से टपक रहा पानी, सीलन भरी दीवारों से करंट का खतरा; पांच बार पत्राचार के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी ।।

यशपाल जाट अनुपपुर
अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 06 स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलाई कॉलरी में 278 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई इन दिनों खतरे के साये में चल रही है। लगातार बारिश ने वर्षों पुराने और जर्जर विद्यालय भवन की पोल खोलकर रख दी है। कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं सहित लाइब्रेरी कक्ष की छत से बारिश का पानी टपक रहा है, जबकि कई दीवारें सीलन से बुरी तरह प्रभावित हैं।
विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों में करीब 118 छात्र और 160 छात्राएं शामिल हैं। ऐसे में जर्जर भवन में रोजाना कक्षाएं संचालित होना विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
छत से पानी टपक रहा, दीवारों में सीलन—बिजली के करंट का भी डर
बारिश के दौरान विद्यालय की कई कक्षाओं की छत से पानी सीधे अंदर पहुंच रहा है। वहीं भीगी और सीलनयुक्त दीवारों के बीच विद्युत व्यवस्था होने से विद्यार्थियों में करंट लगने की आशंका बनी हुई है। कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विद्यार्थियों का कहना है कि बारिश के दौरान उनका ध्यान पढ़ाई से ज्यादा इस बात पर रहता है कि कहीं छत से पानी या कोई जर्जर हिस्सा नीचे न आ जाए।
लाइब्रेरी की किताबों पर भी संकट
विद्यालय की लाइब्रेरी भी जर्जर भवन की मार झेल रही है। छत से पानी टपकने के कारण अंदर रखी किताबों और शैक्षणिक सामग्री के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री भी बर्बाद हो सकती है।
पांच बार पत्राचार, फिर भी नहीं हुआ समाधान
विद्यालय भवन की खराब स्थिति को लेकर विद्यालय प्रबंधन द्वारा संबंधित आदिवासी विकास विभाग को करीब पांच बार पत्राचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। बारिश लगातार भवन की स्थिति को और कमजोर कर रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस पहल का इंतजार बना हुआ है।
पार्षद पवन चीनी ने उठाई नए भवन की मांग
वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद एवं समाजसेवी पवन चीनी ने विद्यालय की स्थिति पर चिंता जताते हुए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि भवन कई वर्षों पुराना हो चुका है और अब इसकी स्थिति विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की कि विद्यालय भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा नए भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि बच्चों को भय के माहौल में नहीं, बल्कि सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में शिक्षा मिलना उनका अधिकार है।
मरम्मत नहीं तो वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत

Subscribe to my channel