भक्तिमय वातावरण में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सवश्री रघुवीर मंदिर (बड़ी गुफा) में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब
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चित्रकूट- परम पूज्य संत श्री रणछोड़दास जी महाराज की पावन कर्मस्थली श्री रघुवीर मंदिर (बड़ी गुफा), जानकीकुंड, चित्रकूट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा,एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, विद्यार्थियों एवं ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागिता की।
इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में आचार्य श्री प्रभुदास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध के तृतीय अध्याय में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म की कथा का भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक विवेचन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के उद्देश्य, उनके दिव्य स्वरूप तथा बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, सत्य, प्रेम, करुणा एवं लोककल्याण का संदेश देता है।
आचार्य श्री प्रभुदास जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं उनके दिव्य चरित्र का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान मंदिर परिसर में जय श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजते रहे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग के साथ ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का संचार हुआ।

धार्मिक कथा के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन एवं मंगल आरती संपन्न हुई। इसके उपरांत कीर्तन एवं भजन का आयोजन किया गया। भक्ति संगीत, मधुर भजनों और भगवान श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण से श्री रघुवीर मंदिर का संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी प्रार्थना अर्पित की।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए की गई मंगलकामना
इस वर्ष चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ के कारण अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों की कुशलता, सुरक्षा एवं उनके जीवन के शीघ्र सामान्य होने की मंगलकामना की गई। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की कि प्रभावित परिवारों को इस कठिन परिस्थिति से उबरने की शक्ति मिले और उनके जीवन में पुनः सुख, शांति एवं सामान्यता लौटे।
चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए इस वर्ष दही-हांडी उत्सव का आयोजन नहीं किया गया। उत्सव की पारंपरिक उमंग के स्थान पर बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना और उनके शीघ्र स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की प्रार्थना को प्राथमिकता दी गई।

संत-महात्माओं एवं ट्रस्ट परिवार की रही सहभागिता
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी डॉ. ईलेश जैन, शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती उषा जैन, उपाध्यक्ष श्रीमती अनुभा अग्रवाल, प्राचार्य सुरेंद्र तिवारी, गुरुभाई प्रमोद भाई एवं श्रीमती सविताबेन, जयपुर, डॉ. सुरेंद्र उपाध्याय, आनंदपुर, श्री प्रवीण भाई, राजकोट सहित चित्रकूट के पूज्य साधु-संत, विद्यार्थी एवं ट्रस्ट के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागी बनकर धर्म, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
श्री रघुवीर मंदिर में आयोजित यह जन्माष्टमी उत्सव भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट आस्था, भारतीय संस्कृति एवं सनातन धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति बना। वहीं, चित्रकूट में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए की गई मंगलकामनाओं ने इस धार्मिक आयोजन को सेवा, करुणा और मानवता के भाव से भी जोड़ दिया।

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