प्रभावित ग्रामीणों का सवाल—पुराने और नए मुआवजे का हिसाब कैसे होगा? ₹336.95 करोड़ की सड़क में मुआवजे को लेकर सस्पेंस बरकरार !
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धरमजयगढ़ – भारतमाला के उरगा–पत्थलगांव खंड में करीब 7.5 किलोमीटर सड़क का संरेखण बदलने के बाद अब इसकी जद में आने वाली जमीन और 165 संरचनाओं को लेकर मुआवजे का सवाल गरमा गया है। ₹336.95 करोड़ की परियोजना के लिए करीब 44.7 हेक्टेयर भूमि एनएचएआई के अधीन लाई जानी है। नए संरेखण में 23.214 qaहेक्टेयर वनभूमि और करीब 2,830 पेड़ों पर भी प्रभाव का आंकड़ा सामने आया है।

मूल रास्ता तीन कोयला ब्लॉकों से टकरा रहा था। 31 जनवरी 2024 को साझा सीमाओं से सड़क निकालने पर सहमति बनी और 9 अप्रैल 2025 को नया संरेखण अंतिम किया गया। अब बदले हुए रास्ते की कीमत जमीन और संरचनाओं के रूप में किसे चुकानी पड़ेगी, यही बड़ा सवाल है।

मुआवजे की गणना पर सवाल
प्रभावितों का कहना है कि पुराने संरेखण से प्रभावित लोगों का मुआवजा तय या वितरित हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है। यदि किसी को पहले भुगतान हुआ है और नया संरेखण उसकी संपत्ति को फिर प्रभावित करता है तो क्या उसे अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा?

नए प्रभावितों की जमीन का मूल्यांकन किस तारीख के बाजार मूल्य पर होगा? 165 संरचनाओं की कीमत कैसे तय होगी? पेड़, फसल, अधूरी बची जमीन अथवा संपत्ति की उपयोगिता घटने से होने वाले नुकसान की गणना होगी या नहीं? और यदि सर्वे के बाद वास्तविक नुकसान अधिक निकलता है तो अतिरिक्त मुआवजे की व्यवस्था क्या होगी?
ग्रामीण फिर अधिकारी से मिलने की तैयारी में
पिछले सप्ताह तेन्दुमार और मेढरमार के प्रभावित ग्रामीणों ने एसडीएम धरमजयगढ़ से मुलाकात कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। नवपदस्थ एसडीएम ने संबंधित जानकारी जुटाकर ग्रामीणों को वस्तुस्थिति से अवगत कराने का आश्वासन दिया था।

अब ग्रामीण जल्द ही दोबारा धरमजयगढ़ एसडीएम से मिलकर नए संरेखण, प्रभावित संपत्तियों और मुआवजे की वास्तविक स्थिति जानने की तैयारी में हैं।

सड़क का रास्ता बदल रहा है, लेकिन अब ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि उनके नुकसान और मुआवजे का हिसाब किस रास्ते से तय होगा।

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