लैलूंगा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 17 वर्षीय नाबालिग सकुशल बरामद, आरोपी निखिल मांझी गिरफ्तार
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9 अगस्त को घर से लापता हुई थी नाबालिग, 12 अगस्त को दर्ज हुई शिकायत; पुलिस ने तलाश के बाद आरोपी को पकड़ा, न्यायालय ने रिमांड पर भेजा
रायगढ़/लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने और कथित रूप से बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने मामले में 24 वर्षीय निखिल मांझी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 की रात नाबालिग बालिका अपने घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने गांव, आसपास के क्षेत्रों और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन बालिका का पता नहीं चला।
इसके बाद परिजनों ने 12 अगस्त 2026 को लैलूंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।

पूछताछ में सामने आया आरोपी से संपर्क
जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग के माता-पिता और उसकी सहेलियों से पूछताछ की। इसी दौरान निखिल मांझी से नाबालिग की बातचीत होने की जानकारी पुलिस के सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने संदेही निखिल मांझी की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उसके पास से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया गया।
मेडिकल जांच के बाद धाराएं बढ़ीं
पुलिस के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष नाबालिग के कथन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी निखिल मांझी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले की प्रमुख बातें
- 9 अगस्त 2026: नाबालिग के घर से लापता होने की जानकारी।
- 12 अगस्त 2026: परिजनों ने लैलूंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
- पुलिस ने परिजनों और नाबालिग की सहेलियों से पूछताछ की।
- जांच में निखिल मांझी से नाबालिग के संपर्क की जानकारी सामने आई।
- पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद किया।
- आरोपी निखिल मांझी को गिरफ्तार किया गया।
- मेडिकल जांच और कथन की प्रक्रिया के बाद BNS धारा 69 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं।
- आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर भेजा गया।
- नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी।
अभियान संवेदना के तहत कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस के एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है। नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाई माना जा रहा है।
टिप्पणी
नाबालिगों से जुड़े मामलों में समय पर शिकायत, त्वरित तलाश और कानूनी प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा नाबालिग की तलाश कर उसे सकुशल बरामद किया जाना राहत की बात है। वहीं, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो सहित संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने के बाद अब मामले का अंतिम सच न्यायिक प्रक्रिया में सामने आएगा।
उद्घोष समय न्यूज़ की अपील: नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी पहचान, नाम, फोटो या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो। कानून और पीड़ित की गरिमा का सम्मान करते हुए खबरों का प्रकाशन किया जाना आवश्यक है।
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