दीक्षारम्भ कार्यक्रम के साथ एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय में नए सत्र का शुभारंभ।
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सतना, 17 अगस्त 2026। एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के विधि संकाय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ आज विवेकानंद हॉल में आयोजित गरिमामय दीक्षारम्भ कार्यक्रम के साथ हुआ। कक्षाओं के नियमित संचालन से पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की व्यापकता, सामाजिक दायित्व तथा विधि के क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर अवसरों से परिचित कराना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी, सतना श्री सुभाष चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त इंजीनियर श्री के.के. प्यासी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय की ओर से प्रो-चांसलर श्री अनंत सोनी, प्रतिकुलपति श्री आर.एस. त्रिपाठी, प्रतिकुलपति डॉ. हर्षवर्धन, डीन विधि संकाय डॉ. सुधीर जैन, हेड डॉ. विधि संभरकर, विधिक सलाहकार श्री सूर्यनाथ गहरवार, डीन अकादमिक डॉ. शेखर मिश्रा तथा डीन छात्र कल्याण डॉ. महेन्द्र तिवारी सहित विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक श्री हरिशंकर कोरी, श्री शशिकांत दुबे, श्री प्रशांत कुमार, श्री धीरेन्द्र पटेल, डॉ. अजय सिंह एवं सुश्री आरती विश्वकर्मा सहित विधि संकाय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री सुभाष चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधि केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को विधि के अध्ययन को केवल परीक्षा तक सीमित न रखते हुए संविधान, न्यायिक निर्णयों, विधिक प्रावधानों तथा व्यावहारिक कानून की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विधि विद्यार्थियों के लिए न्यायिक सेवा, अधिवक्ता, कॉरपोरेट लॉ, विधिक सलाहकार, लोक अभियोजन, विधिक सहायता, साइबर लॉ एवं अन्य उभरते विधिक क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर संभावनाओं पर भी मार्गदर्शन दिया।

विशिष्ट अतिथि श्री के.के. पयासी ने विद्यार्थियों को अनुशासन, तकनीकी ज्ञान, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपने व्यक्तित्व का विकास करने की प्रेरणा दी। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनुरूप आगे बढ़ने का संदेश दिया।
प्रति कुलाधिपति श्री अनंत कुमार सोनी ने अपने उद्बोधन में छात्रों को स्किल डिप्लेबमेंट के प्रति जागरूक रहने के लिए बेहद उत्प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने कहा अपना सफलता ही विश्व विद्यालय की प्रगति है और हम आपके सहयोगी।
डीन विधि संकाय डॉ. सुधीर जैन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधि शिक्षा विद्यार्थियों को केवल कानून का ज्ञान नहीं देती, बल्कि उन्हें संवैधानिक मूल्यों, न्यायिक सोच, तर्कशक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, मूट कोर्ट, लीगल एड, शोध, वाद-विवाद एवं व्यावहारिक विधिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर विशेष उत्साह एवं ऊर्जा दिखाई दी। दीक्षारम्भ कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और विधि संकाय की शैक्षणिक संस्कृति से परिचित कराने के साथ उनके उज्ज्वल विधिक भविष्य की आधारभूमि तैयार की।
दीक्षारम्भ कार्यक्रम के साथ एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय में नए सत्र का विधिवत एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ।
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