August 16, 2026

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नानाजी के ग्रामोदय संकल्प को यथार्थ का धरातल प्रदान करना हमारी प्राथमिकता : कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे

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ग्रामोदय विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रध्वज को दी सलामी; देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत हुआ वृक्षारोपण

चित्रकूट- 16 अगस्त 2026 महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित रजत जयंती भवन में कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने राष्ट्रध्वज फहराया। इसके पूर्व राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान हुआ। कुलगुरु ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता के अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के आगमन एवं पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद कुलगुरु के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर सामूहिक नमन किया।

नानाजी देशमुख परिसर के रूप में विकसित होगा कृषि प्रक्षेत्र
अपने मार्गदर्शक उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि चित्रकूट प्रभु श्रीराम की तपस्थली होने के साथ-साथ राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की रचनात्मक प्रयोगस्थली भी है। नानाजी ने ग्रामोदय की अपनी अवधारणा को साकार करने के लिए ग्रामोदय विश्वविद्यालय जैसे विशिष्ट उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना की।
उन्होंने कहा कि नानाजी देशमुख के व्यक्तित्व, कृतित्व, ग्रामोदय की संकल्पना और उनके नवाचारों को यथार्थ का धरातल प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालय के कृषि संकाय प्रक्षेत्र परिसर को ‘राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख परिसर’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। नानाजी के गांवों और ग्रामीण आबादी को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से समृद्ध बनाने के विचार को केंद्र में रखते हुए विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा। इसी दिशा में अनेक नए पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए गए हैं।

प्रो. चौबे ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि नानाजी की ग्रामोदय परिकल्पना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा, कौशल, नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा जाए।
स्वतंत्रता अधिकार के साथ कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति का भी बोध कराती है
कुलगुरु ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, कर्तव्य पालन और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को मजबूती से निभाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनके त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, राष्ट्र का विकास और राष्ट्र का सम्मान सरकारों की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया।

विश्वविद्यालय की भूमि के सीमांकन की कार्यवाही जारी
प्रो. चौबे ने बताया कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय का परिसर लगभग 250 एकड़ में विस्तृत है। विश्वविद्यालय के विकास एवं नानाजी देशमुख की मूल संकल्पना को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि आवंटन हेतु भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को पूर्व में आवंटित भूमि का पूर्ण हिस्सा प्राप्त हो, इसके लिए भूमि के सीमांकन की कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्य शीघ्र पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विश्वविद्यालय अपने विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रहा है, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक को भी राष्ट्र के विकास, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
कुलगुरु ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर उपयोगी शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और भविष्य में भी यह क्रम जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 22 एवं 23 अगस्त को बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसमें सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार का ज्ञान अकादमिक क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार एवं करियर निर्माण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
देशभक्ति गीतों से गूंजा विश्वविद्यालय परिसर
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। एकल एवं सामूहिक देशभक्ति गीत, भाषण तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को भावपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण बना दिया। प्रस्तुतियों को उपस्थितजनों ने सराहा।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. कपिल देव मिश्रा ने किया तथा संचालन प्रो. ललित कुमार सिंह ने किया। ध्वजारोहण संबंधी अनुशासन एवं व्यवस्था में डॉ. विनोद कुमार सिंह एवं श्री धनंजय सिंह ने सहयोग किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संयोजन प्रो. विवेक फड़नीस, संगीत संयोजन शोधार्थी जय प्रकाश मिश्रा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन छात्रा यामिनी तुरकर ने किया।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत हुआ वृक्षारोपण
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी की विश्वविद्यालय शाखा द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. संतोष कुमार अरसिया एवं श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।

समारोह में कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता प्रो. कपिल देव मिश्रा, प्रो. एस.के. चतुर्वेदी, प्रो. देवेंद्र प्रसाद पाण्डेय, प्रो. हरिशंकर कुशवाहा, इंजी. अश्विनी दुग्गल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह ने राष्ट्रभक्ति, नानाजी देशमुख के ग्रामोदय दर्शन, विद्यार्थी विकास और पर्यावरण संरक्षण—इन चारों संकल्पों को एक साथ जोड़ते हुए ग्रामोदय विश्वविद्यालय की मूल भावना को अभिव्यक्त किया।

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