सिर्फ खेला जाएगा नोटिस का खेल या होगी निष्पक्ष जांच?एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्रों के गंभीर आरोपों के बाद विभागीय कार्रवाई पर सवालिया निशान!
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धरमजयगढ़ में संचालित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन और भोजन व्यवस्था सहित अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मामला केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहेगा, या फिर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी जांच भी होगी।

गुरुवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर विद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता, छात्रावास की व्यवस्थाओं तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखते हुए प्राचार्य को हटाने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। विद्यार्थियों के अनुसार, जब उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।

विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि छात्रावास की मेस में परोसे जाने वाले भोजन में कई बार कीड़े तथा कांच के टुकड़े जैसी आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। उनका यह भी दावा है कि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर दिखाया जाता है, जबकि सामान्य दिनों में स्थिति अलग रहती है। इसके अलावा छात्रों ने छात्रावास में आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं कराने और प्रशासनिक लापरवाही के भी आरोप लगाए हैं।

मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी श्रीकांत दुबे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आई हैं और विद्यालय के प्राचार्य को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस के जवाब तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि पूरे मामले में अब चर्चा का विषय यह बन गया है कि यदि छात्रों ने इतने गंभीर आरोप लगाए हैं और स्वयं विभाग भी प्रारंभिक स्तर पर कमियां मिलने की बात स्वीकार कर रहा है, तो क्या कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहेगी या आरोपों की तह तक पहुंचने के लिए निष्पक्ष एवं व्यापक जांच भी कराई जाएगी।
यह मामला केवल एक विद्यालय का नहीं, बल्कि उन आवासीय संस्थानों की व्यवस्था से भी जुड़ा है, जहां विद्यार्थियों के भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी शासन पर होती है। ऐसे में जांच का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि वास्तविक तथ्यों को सामने लाना और यदि कहीं लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना होना चाहिए।
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