एनटीपीसी की मेगा कोयला परियोजना में ए.के.एस. विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक विशेषज्ञता का प्रदर्शनपकरी बरवाडीह (हजारीबाग) में ब्लास्टिंग के वैज्ञानिक अध्ययन की रिपोर्ट एनटीपीसी एवं डीजीएमएस को सौंपी
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना का खनन अभियांत्रिकी विभाग देशभर में सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं उत्तरदायी खनन को बढ़ावा देने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के खनन अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. जी. के. प्रधान एवं श्री रमेश दास ने 25 एवं 26 जुलाई को एनटीपीसी की पकरी बरवाडीह कोयला खदान, हजारीबाग (झारखंड) में दो दिवसीय वैज्ञानिक ब्लास्टिंग अध्ययन (Scientific Study for Blasting) सफलतापूर्वक संपन्न किया।

अध्ययन के दौरान अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से ब्लास्टिंग से उत्पन्न ग्राउंड वाइब्रेशन एवं उसके प्रभावों का वैज्ञानिक परीक्षण, मापन और विश्लेषण किया गया। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट एनटीपीसी तथा खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) को सौंप दी गई। यह रिपोर्ट खदान में सुरक्षित, नियंत्रित तथा पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ब्लास्टिंग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
डॉ. जी. के. प्रधान ने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से ब्लास्टिंग की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र, संरचनाओं एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का सटीक आकलन किया जाता है। इससे सुरक्षित एवं सतत खनन की दिशा में प्रभावी निर्णय लेने में सहायता मिलती है।ए.के.एस. विश्वविद्यालय का खनन अभियांत्रिकी विभाग वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में संचालित प्रमुख खनन एवं औद्योगिक परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श, वैज्ञानिक अनुसंधान, ब्लास्टिंग अध्ययन तथा सुरक्षा मूल्यांकन जैसी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान कर रहा है। विश्वविद्यालय की यह सक्रिय भागीदारी उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत समन्वय का उदाहरण बनकर उभर रही है तथा राष्ट्रीय स्तर पर ए.के.एस. विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक क्षमता और विश्वसनीयता को नई पहचान दिला रही है

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