शासकीय भूमि पर कब्जे को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सैकड़ों लोग पहुंचे एसडीएम कार्यालय !
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धरमजयगढ़ – विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयनगर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। वर्षों से लंबित इस मामले में ग्रामीणों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आया, जब सरपंच, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में लोग धरमजयगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि विजयनगर पंचायत अंतर्गत कणरजा ग्राम की शासकीय भूमि, खसरा क्रमांक 2971, रकबा 0.1120 हेक्टेयर पर गांव के ही दिलीप नट द्वारा लंबे समय से कथित रूप से कब्जा किया गया है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार राजस्व विभाग एवं प्रशासन के समक्ष शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। इसी कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया।

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित शासकीय भूमि भविष्य में पंचायत भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन गोदाम अथवा अन्य जनहित के निर्माण कार्यों के लिए उपयोगी हो सकती है। ऐसे में यदि भूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं कराई गई तो गांव के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा पूरे गांव के हितों के विपरीत है और इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।

वहीं इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दिलीप नट का कहना है कि वह वर्षों से उक्त स्थान पर मकान बनाकर रह रहा है और उसके पास रहने के लिए कोई अन्य भूमि उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि प्रशासन उनकी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण निर्णय ले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों ने धरमजयगढ़ एसडीएम को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपना-अपना पक्ष रखा है। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति क्या है और अतिक्रमण के आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल इस विवाद पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं और ग्रामीण प्रशासन से शीघ्र एवं निष्पक्ष
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