July 14, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

प्रो बॉक्सिंग लीग के ऐतिहासिक ग्रैंड फिनाले ने भारतीय मुक्केबाजी को दी नई पहचान, विजेताओं पर पुरस्कारों की वर्षा

1 min read
Spread the love

नई दिल्ली। इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रो बॉक्सिंग लीग का ऐतिहासिक ग्रैंड फिनाले 10 जुलाई को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में खेल कौशल, अनुशासन और रोमांच के बीच संपन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती क्षमता का प्रभावशाली परिचय दिया।

हजारों खेल प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय खेल महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया।समापन दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि प्रो बॉक्सिंग लीग भारतीय मुक्केबाजी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आईएबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह लीग प्रतिभाशाली मुक्केबाजों को पेशेवर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।दीप प्रज्ज्वलन समारोह में असम सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल, अंतरराष्ट्रीय रामलीला समिति के चेयरमैन वेदप्रकाश टंडन, पूर्व महापौर जयप्रकाश, नैमिषारण्य तीर्थ, सीतापुर के पं. वेदव्यास जी महाराज, आंध्र प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष निशांत वर्मा, आईएबीएफ के मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष अनंत कुमार सोनी, आईएबीएफ के उपाध्यक्ष संजीव कुमार, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. गोस्वामी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विजेता खिलाड़ियों को चैंपियनशिप पदक, ट्रॉफियां तथा विशेष पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि प्रो बॉक्सिंग लीग जैसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। पुरुष वर्ग के सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को होंडा मोटरसाइकिल तथा महिला वर्ग की सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को स्कूटी प्रदान कर सम्मानित किया गया।फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीक, संयम, साहस और खेल भावना का परिचय दिया। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन को भारतीय खेल जगत के लिए मील का पत्थर बताया। तालकटोरा इंडोर स्टेडियम खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल प्रेमियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं से खचाखच भरा रहा। प्रत्येक मुकाबले के साथ दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंचता गया और विजेताओं की घोषणा पर पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।समापन समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज़ हुसैन, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, शिर्डी के लोकसभा सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, वरिष्ठ आयकर अधिकारी कुमार ऋषिकेश, डॉ. वंदना टंडन, अजय बिंदल, तरुण अग्रवाल, मनोज गोयल तथा चारों टीमों के स्वामी मंचासीन रहे। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। साथ ही देशभर से आए आईएबीएफ के पदाधिकारियों, पूर्व खिलाड़ियों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, तकनीकी अधिकारियों तथा खेल आयोजकों का भी सम्मान किया गया।विभिन्न भार वर्गों के फाइनल मुकाबलों में राजस्थान के देवेन्द्र सिंह सोइनकी, पंजाब की कोमल प्रीत कौर, जम्मू-कश्मीर के युवराज, दिल्ली की शिवानी, हरियाणा के अंकित कुमार, दिल्ली के रॉबिन सॉगवान, दिल्ली की आरज़ू तथा साहिल ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं मध्यप्रदेश के हनी ओल्ह्यान, दिल्ली की संजना देवी, राजस्थान के सूरज प्रताप सिंह देदड़ा, हरियाणा की रानी देवी, जम्मू-कश्मीर के आदित्य राज, पंजाब के पर्व, पंजाब की आरती तथा पंजाब के बिक्रमजीत सिंह रजत पदक विजेता रहे। सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक प्रदान किए गए। पुरुष वर्ग के सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को होंडा मोटरसाइकिल तथा महिला वर्ग की सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को स्कूटी के साथ स्वर्ण पदक एवं चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि सभी रजत पदक विजेताओं को ट्रॉफी सहित सम्मानित किया गया।समारोह के अंत में आईएबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने मुख्य अतिथियों, खिलाड़ियों, तकनीकी अधिकारियों, प्रायोजकों, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा देशभर से आए खेल प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रो बॉक्सिंग लीग भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में एक नए अध्याय का सूत्रपात है, जो युवा मुक्केबाजों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगी। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और खिलाड़ियों ने प्रथम प्रो बॉक्सिंग लीग की ऐतिहासिक सफलता का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया।

About The Author

आज की ताजा खबरें

1 min read

मध्य प्रदेश सरकार के छह मंत्रियों ने सतना कलेक्टर के खिलाफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उनके तबादले की मांग की है। मामला राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र की जांच के दौरान उनके गृह ग्राम हरदुआ मझोल में कराई गई मुनादी से जुड़ा है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के निर्देश पर सतना प्रशासन ने गांव में मुनादी कराकर जानकारी दी थी कि राज्यमंत्री के जाति प्रमाणपत्र की जांच चल रही है। मंत्रियों का आरोप है कि समिति की अंतिम सुनवाई और निर्णय से पहले इस तरह की कार्रवाई से राज्यमंत्री की सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई और यह अनुचित प्रशासनिक कदम था। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले मंत्रियों में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विजय शाह, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और दिलीप अहिरवार शामिल रहे। सभी ने कलेक्टर के तबादले की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp