April 24, 2026

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ग्रामीण बच्चों को बहुआयामी बनाने हेतु 17 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का शुभारंभ

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रामनाथ आश्रमशाला चित्रकूट में ग्रामीण बच्चों को बहुआयामी बनाने हेतु 17 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का शुभारंभ


10 मई तक संचालित शिविर में विभिन्न जीवनोपयोगी विषयों पर अलग-अलग विशेषज्ञ शिविरार्थियों को करेंगे प्रशिक्षित

चित्रकूट- ग्रामीण बच्चों को बहुआयामी बनाने हेतु दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित रामनाथ आश्रमशाला चित्रकूट में 17 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को विद्यालय के सभागार में हुआ। शिविर का उद्घाटन पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं भारतरत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्र पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, शिविराधिकारी देवदत्त तिवारी एवं शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र के प्रभारी कालिका प्रसाद श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।

शिविर का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ साथ उनके समग्र विकास में मदद करना है। यह शिविर छात्रों को जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद करता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के रामनाथ आश्रमशाला में 17 दिवसीय  व्यक्तित्व विकास शिविर आयोजित किया जा रहा है जो कि 24 अप्रैल से 10 मई तक संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर संगठन सचिव अभय महजन ने शिविरार्थियों का उत्साहवर्धक करते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित करके मेहनत, हिम्मत और जिम्मेवारी से कार्य करने पर सफलता अवश्य मिलती है। कालिका प्रसाद श्रीवास्तव ने भारत के गौरवशाली अतीत से परिचय कराते हुए बच्चों को उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी।

व्यक्तित्व विकास शिविर की अवधारणा रखते हुए शिविराधिकारी ने बताया कि शिविर की दिनचर्या प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चलती रहेगी। जिसमें सामूहिक, शारीरिक, बौद्धिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त 10 विविध कलाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण विषय विशेषज्ञों द्वारा शिविरार्थियों को अलग-अलग समूहों में दिया जाएगा। जिसमें हारमोनियम, ढोलक, गायन, नृत्य, चित्रकला, गोबर कला, संस्कृत संभाषण, अंग्रेजी संभाषण तथा कंप्यूटर आदि में प्रशिक्षित किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के अंतर्गत उन्हें इस दौरान पीटी, योगचाप, डंबल, लेजिम, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार आदि कई विधाओं में पारंगत एवं स्थानीय अंचल एवं दूरदराज के क्षेत्रों से कुशल प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

17 दिनों तक चलने वाले इस शिविर में विभिन्न जीवनोपयोगी विषयों पर अलग-अलग विशेषज्ञ शिविरार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के प्रशिक्षक शिविर में योगदान करने वाले हैं। शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक क्षेत्र के विद्वान शिविरार्थियों के उत्साहवर्धन हेतु चित्रकूट पहुचेंगे। विभिन्न शारीरिक और बौद्धिक प्रतियोगितायें भी शिविर के दौरान प्रस्तावित हैं।


शिविर संयोजक सत्यराम यादव ने बताया कि शिविर में लगभग 240 शिविरार्थी (147 बालक, 93 बालिका) 20 प्रशिक्षक सहायक के माध्यम से अपनी रुचि अनुसार विविध कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। शिविर में समाज के सभी वर्गों के बालक बालिकाएं एक साथ रहकर सहजीवन का अभ्यास करेंगे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता प्रकाश प्रजापति ने किया। व्यक्तित्व विकास शिविर के शुभारंभ में डॉ अनिल जायसवाल महाप्रबंधक दीनदयाल शोध संस्थान, डॉ अशोक पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, सीमा पाण्डेय, इ राजेश त्रिपाठी, जितेंद्र श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह, डॉ रामराज पाण्डेय, निखिल मिश्रा, राधेश्याम वाघमारे, दशरथ प्रजापति, लालमन जी शिक्षक, अनुपमा त्रिपाठी, सुधा सिंह, संजू भइया, सियाराम त्रिपाठी, वीरेंद्र कुशवाहा एवं समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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