चित्रकूट में सती अनुसूया हत्याकांड का खुलासा, पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश! दो साथियों संग मिलकर दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ने भेजा जेल
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चित्रकूट – धर्मनगरी चित्रकूट के सती अनुसुईया मार्ग पर हुई अज्ञात युवक की निर्मम हत्या के मामले का खुलासा करते हुए चित्रकूट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि पत्नी के अपने प्रेमी के साथ अवैध संबंध थे, जिसके चलते उसने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार 8 जून को सती अनुसुईया मोड़ के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मृतक का गला धारदार हथियार से रेता गया था। सूचना पर थाना चित्रकूट पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अज्ञात शव की पहचान के लिए सोशल मीडिया, पंपलेट और साइबर सेल की सहायता ली गई।
जांच के दौरान मृतक की पहचान प्रयागराज निवासी संजीव उर्फ संजू पासी (35 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने जब मृतक की पत्नी अनीता देवी से पूछताछ की तो कई अहम तथ्य सामने आए। साइबर सेल से प्राप्त लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर पता चला कि अनीता देवी के अमित सिंह उर्फ बड़कू के साथ पिछले तीन वर्षों से अवैध संबंध थे। इसी कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अनीता देवी ने अपने प्रेमी अमित सिंह और उसके साथी शेरा उर्फ राजू निषाद के साथ मिलकर संजीव की हत्या की योजना बनाई। 7 जून को दोनों आरोपी संजीव को चित्रकूट घुमाने के बहाने मोटरसाइकिल से सती अनुसुईया मार्ग पर ले गए। वहां पुल के पास पेशाब करने के बहाने मोटरसाइकिल रुकवाई और धारदार चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया तथा उसकी पहचान संबंधी दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकदी भी निकाल ली।
चित्रकूट पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर 11 जून को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून लगा चाकू, बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल तथा पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने प्रकरण में हत्या, आपराधिक साजिश, आर्म्स एक्ट तथा एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सतना के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जी.एस. बाजपेयी, उपनिरीक्षक नेहा ठाकुर, साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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