लखनऊ में कृषि विज्ञान कांग्रेस: 2026 ‘विकसित कृषि’ पर मंथन, ए के एस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक सम्मानित।
1 min read
लखनऊ, उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चरल साइंस कांग्रेस 2026 का तीन दिवसीय आयोजन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सुगरकेन रिसर्च में “विकसित कृषि–विकसित भारत @2047” विषय के साथ प्रारंभ हुआ। उद्घाटन ने किया। उन्होंने कृषि में तकनीक आधारित नवाचार, प्राकृतिक खेती तथा किसानों की आय वृद्धि को प्राथमिकता बताया।

सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शोधार्थियों तथा किसानों की व्यापक भागीदारी रही। विभिन्न तकनीकी सत्रों में जलवायु अनुकूल कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज प्रौद्योगिकी, कृषि यंत्रीकरण, मूल्य संवर्धन तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

विशेषज्ञों ने कम लागत में अधिक उत्पादन, जल संरक्षण, डिजिटल कृषि तथा “प्रयोगशाला से खेत तक” तकनीक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उद्घाटन सत्र में सूर्य प्रताप शाही,बलदेव सिंह औलख सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं हिमांशु पाठक जैसे वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने कृषि अनुसंधान में नवाचार और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इसी क्रम में एकेएस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. विष्णु ओमर ने अपने शोध कार्य का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिसकी विशेषज्ञों ने सराहना की। उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतीकरण के लिए उन्हें प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं वैज्ञानिकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्नत कृषि तकनीकों पर विचार साझा किए।सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि बदलते जलवायु परिदृश्य में टिकाऊ खेती, फसल विविधीकरण, जैव उर्वरकों का उपयोग तथा किसान केंद्रित अनुसंधान भविष्य की कृषि नीति के प्रमुख आधार होंगे। इस दृष्टि से यह आयोजन राज्य ही नहीं, देश की कृषि दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हो रहा
Subscribe to my channel