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राजस्व विभाग की लापरवाही या मिलीभगत? 150 एकड़ शासकीय भूमि पर दबंगों का कब्ज़ा, मक्के की फसल से कमा रहे लाखों – राजस्व टीम ने महज़ 3 घंटे में दिखाया ‘कागज़ी एक्शन’!

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सिवनी/ तहसील से विशेष रिपोर्ट
ग्राम बांद्रा, तहसील जिला सिवनी की शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्ज़े का मामला अब बड़ा मुद्दा बन चुका है। राजस्व प्रकरण क्रमांक 0016/अ/2022–23 के तहत दर्ज इस केस में खसरा नंबर 97, 70, 180, 96, 173 कुल रकबा 54 हेक्टेयर (लगभग 150 एकड़) भूमि पर घनश्याम पिता देवकरण सहित 14 अन्य लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है।



यह वही भूमि है जो चरागाह, जंगल और ईंधन हेतु सुरक्षित शासकीय भूमि के रूप में चिन्हित थी, लेकिन अब उस पर मक्के और अन्य फसलों की भरपूर पैदावार लेकर दबंग लोग लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं — और शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है।



🚨 कागज़ी कार्रवाई का खेल!

7 अक्टूबर 2022 को जारी आदेश के तहत 6 नवंबर 2025 को राजस्व निरीक्षक राहुल मुढ़िया, पटवारी सुबोध दुबे सहित 8 पटवारी और 15–20 कोटवारों की टीम ने बांद्रा गांव पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई।



👉 सिर्फ 3 घंटे में “150 एकड़ भूमि” से कब्ज़ा हटाने का दावा किया गया।
👉 कुछ जगह मक्के के पौधे जेसीबी से उखाड़े, कुछ गड्ढे भरे गए — और फिर पंचनामा बनाकर टीम रवाना हो गई।
👉 किसी भी फसल या संपत्ति की जप्ती नहीं बनाई गई।

🌾 कब्ज़ाधारियों के हौसले बुलंद – खुल्ला चैलेंज!

ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक, अतिक्रमणधारियों का कहना है



> “हम शासकीय भूमि में खेती
करते हैं, जो उखाड़ना है
उखाड़ लो, कोई हमें नहीं रोक
सकता।”

यह बयान न केवल प्रशासन को चुनौती देता है बल्कि पूरे राजस्व तंत्र की साख पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।


🌳 पर्यावरण और शासन की योजनाओं पर भी आघात

सरकार जहां “पौधे लगाओ – पर्यावरण बचाओ” अभियान पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं इस शासकीय भूमि से छोटे झाड़ के जंगल का सफाया कर दिया गया है।
अब सवाल उठता है कि इतनी बड़ी भूमि पर बिना विभागीय मिलीभगत के कब्जा संभव कैसे हुआ?


⚖️ जांच की मांग – भ्रष्ट अधिकारियों पर कब होगी कार्रवाई?

यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी अतिक्रमणधारियों से साठगांठ कर कार्रवाई को “कागज़ी” बना रहे हैं।
अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन कब जागेगा, और क्या वाकई शासकीय भूमि को कब्ज़ाधारियों से मुक्त कराया जा सकेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



🗣️ स्थानीय लोगों की मांग:

> “बांद्रा ही नहीं, पूरे जिले में
ऐसे अनेकों गांव हैं जहाँ
शासकीय भूमि पर कब्ज़ा
जमाए बैठे लोग करोड़ों कमा
रहे हैं। जिला प्रशासन को
ऐसी सभी भूमि का सर्वे कर
सख्त कार्रवाई करनी
चाहिए।”


                 कैलाश लाहोरी, प्रभात ठाकुर
                            उद्घोष समय
                        विशेष संवाददाता,
                    सिवनी जिला मध्य प्रदेश

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