एकेएस विश्वविद्यालय में विक्रम-1 रॉकेट पर विशेषज्ञ व्याख्यान, विद्यार्थियों में जगी अंतरिक्ष अनुसंधान की नई ऊर्जा
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के विद्युत, यांत्रिक, सिविल एवं सीमेंट प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से “विक्रम-1 रॉकेट” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता स्काईरूट एयरोस्पेस के जीएनसी (गाइडेंस, नेविगेशन एवं कंट्रोल) इंजीनियर श्री रत्नेंद्र सिंह, जो विक्रम-1 रॉकेट कार्यक्रम से जुड़े हैं, ने विद्यार्थियों को रॉकेट इंजीनियरिंग, गाइडेंस, नेविगेशन एवं कंट्रोल प्रणाली, प्रक्षेपण तकनीक तथा भारत के तेजी से विकसित हो रहे निजी अंतरिक्ष उद्योग की जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ने का आह्वान करते हुए एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में उपलब्ध करियर अवसरों पर प्रकाश डाला।

संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने रॉकेट डिजाइन, मिशन योजना, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका श्री सिंह ने सरल एवं प्रभावी उत्तर दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति, प्रो.आर.एस. त्रिपाठी, डॉ.हर्षवर्धन, डायरेक्टर अमित कुमार सोनी, सूर्यनाथ सिंह गहरवार, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रमा शुक्ला, डॉ. श्रीहरि पाण्डेय, डॉ. प्रल्लव श्रीवास्तव एवं डॉ. गौरव शुक्ला रहे। आयोजन को सफल बनाने में विद्युत, यांत्रिक, सिविल एवं सीमेंट प्रौद्योगिकी विभाग के सभी प्राध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने सहभागिता की। अंत में इंजीनियर आर.के. श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता श्री रत्नेंद्र सिंह का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति-चिह्न भेंट किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे उद्योग-विशेषज्ञ व्याख्यानों को विद्यार्थियों के तकनीकी एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया
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