एकेएस विश्वविद्यालय की सात दिवसीय व्याख्यानमाला के चौथे दिन योग एवं अध्यात्म पर विशेष व्याख्यान
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सतना। “योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नयन का प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात कर युवा जीवन की प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं।” यह विचार अयोध्या के प्रख्यात विद्वान आचार्य कुलदीप मिश्रा ने एकेएस विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय व्याख्यानमाला के चौथे दिन ऑनलाइन माध्यम से व्यक्त किए।

योग एवं अध्यात्म विषय पर आयोजित इस विशेष व्याख्यान में आचार्य मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, प्रतिस्पर्धा और भौतिकता के बढ़ते प्रभाव के बीच योग एवं अध्यात्म व्यक्ति को आत्मबोध, सकारात्मक दृष्टिकोण और जीवन में संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने बताया कि योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार है तथा इसके माध्यम से आत्मविश्वास, एकाग्रता और नैतिक मूल्यों का विकास होता है। उनके प्रेरणादायी विचारों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू प्रो. महेंद्र तिवारी, डॉ. दिलीप तिवारी, आचार्य शंखधर मिश्रा, निशा त्रिपाठी सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
अंत में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आचार्य कुलदीप मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद व्याख्यान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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