हक और सम्मान की लड़ाई के लिए निकाय कर्मचारी हुए एकजुट, जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
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संभाग ब्यूरो दुर्गा गुप्ता

मनेंद्रगढ़/रायपुर। नगरीय निकाय विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। इसी के चलते नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने जुलाई 2026 से रायपुर के तुता में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, पदोन्नति की प्रक्रिया वर्षों से अटकी हुई है तथा सातवें वेतनमान के एरियर्स और एनपीएस/जीपीएफ की कटौती राशि भी लंबित है। इन समस्याओं के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने अपनी पांच प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह की पहली तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान, नियमित कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के लिए नए सेटअप के साथ पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने, सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स का भुगतान तथा एनपीएस/जीपीएफ की बकाया राशि कर्मचारियों के खातों में जमा कराने की मांग रखी है।
संघ ने प्रदेश के सभी नगरीय निकाय कर्मचारियों से आंदोलन में शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि यह लड़ाई केवल मांगों की नहीं बल्कि कर्मचारियों के हक, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा की लड़ाई है। कर्मचारियों का मानना है कि एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपनी मांगों को मनवाने में सफल होंगे।
संघ ने सभी निकाय कर्मचारियों से आंदोलन को सफल बनाने तथा संदेश को प्रदेश के हर नगरीय निकाय तक पहुंचाने का आह्वान किया है।
अपीलकर्ता: नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़।
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