स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर हर्षल पंचोली की मानवीय पहल से बची हाई रिस्क गर्भवती की जिंदगी, परिजन हुए जागरूक ।।
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यशपाल जाट अनुपपुर
अनूपपुर। जनपद पंचायत अनूपपुर की ग्राम पंचायत बदरा में आयोजित जनकल्याण शिविर के दौरान मैदानी अमले को एक ऐसी गर्भवती महिला की जानकारी मिली, जो बार-बार समझाइश के बावजूद अपनी स्वास्थ्य जांच कराने से लगातार इनकार कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिए गए निर्देशों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने तत्काल संज्ञान लिया।
सीएमएचओ अपनी विशेषज्ञ मेडिकल टीम के साथ संबंधित गर्भवती महिला के घर पहुंचे और उसकी स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया। टीम ने महिला एवं उसके परिजनों को स्वास्थ्य जांच न कराने से जच्चा-बच्चा की जान को होने वाले संभावित खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ काफी देर तक समझाइश दी।
मौके पर की गई जांच में गर्भवती महिला ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में पाई गई। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन (एचबी) स्तर मात्र 7.6 ग्राम पाया गया, जो सामान्य स्तर से काफी कम है। वहीं उसका ब्लड प्रेशर 119/72 एमएम एचजी दर्ज किया गया।
शुरुआत में हिचकिचाहट दिखा रहे परिजनों ने जब स्वास्थ्य अधिकारियों से स्थिति की गंभीरता को समझा, तो मेडिकल टीम के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। टीम की अथक मेहनत और मानवीय व्यवहार से प्रभावित होकर परिजन महिला को बेहतर उपचार एवं सुरक्षित प्रसव के लिए तत्काल जिला अस्पताल ले जाने के लिए सहमत हो गए।
यह पूरी कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता, संवेदनशीलता और कलेक्टर अनूपपुर की मानवीय सोच का उदाहरण है। जिले में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत हैं, ताकि प्रत्येक मां और नवजात का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके।
“समय पर जांच और उचित उपचार ही सुरक्षित मातृत्व की कुंजी है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।”
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