ए.के.एस. विश्वविद्यालय के एम.एससी. रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों का शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के एम.एससी. (रसायन विज्ञान) के शोधार्थियों ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शैलेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में एम.एससी. (रसायन विज्ञान) के विद्यार्थियों गौरव सिंह एवं साक्षी मिश्रा का शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका एल्सेवियर की शोध पत्रिका सस्टेनेबल केमिस्ट्री : वन वर्ल्ड में प्रकाशित हुआ है।

शोध पत्र का शीर्षक “हरित संश्लेषण विधियाँ : प्रगति, चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ” है। इस शोध में पर्यावरण अनुकूल एवं सतत रासायनिक संश्लेषण अर्थात् हरित संश्लेषण की आधुनिक तकनीकों, चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में बताया है कि पारंपरिक रासायनिक प्रक्रियाओं से बढ़ते पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने के लिए हरित रसायन विज्ञान आधारित तकनीकें अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकती हैं। शोध में सूक्ष्मतरंग तकनीक, यांत्र-रसायन, जैव आधारित विलायक तथा ऊर्जा सक्षम प्रक्रियाओं को भविष्य की टिकाऊ रासायनिक उत्पादन प्रणाली के रूप में वर्णित किया गया है।
इस शोध पत्र में हरित रसायन केंद्र में विकसित एवं पेटेंट प्राप्त यांत्रिक पीस-सहायित संश्लेषण विधि का उपयोग करते हुए शिफ आधार यौगिकों का संश्लेषण किया गया। इस नवीन विधि से पारंपरिक हरित विधियों की तुलना में अधिक उत्पाद प्राप्त हुआ, जिससे इसकी उपयोगिता एवं प्रभावशीलता सिद्ध हुई है।
विशेष रूप से यह शोध उद्योगों में कम लागत, कम ऊर्जा खपत तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नई हरित तकनीकों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं रसायन विज्ञान विभाग के सभी प्राध्यापकों ने इस उपलब्धि पर शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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