धरमजयगढ़ के ग्राम अमापाली में एक दिव्यांग किसान की भूमि सीमांकन की समस्या आखिरकार सामने आने के बाद सुलझती नजर आई। किसान पिछले करीब 2 महीनों से सीमांकन के लिये भटक रहा था और लगातार आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। शारीरिक असमर्थता के बावजूद वह अपनी जमीन के अधिकार के लिये दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर था। किसान की इस गंभीर समस्या को जब मीडिया ने प्रमुखता से उठाया और कलेक्टर रायगढ़ तक इसकी जानकारी पहुंचाई, तब प्रशासन हरकत में आया। मामले को संज्ञान में लेते ही स्थानीय राजस्व अमले को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये गये। ताज़ा जानकारी के अनुसार, अगले ही दिन राजस्व टीम मौके पर पहुंची और संबंधित किसान की भूमि का सीमांकन कर दिया गया। जांच और सीमांकन के दौरान किसान द्वारा लगाया गया अवैध कब्जे का आरोप सही नहीं पाया गया और जमीन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा सामने नहीं आया। लंबे समय से लंबित प्रक्रिया पूरी होने और स्थिति स्पष्ट होने के बाद किसान संतुष्ट नजर आया और उसने राहत महसूस की। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि समय पर कार्रवाई और पारदर्शिता से विवादों का समाधान संभव है।