अब अंगूठा लगाए बिना नहीं मिलेगा राशन! ओटीपी व्यवस्था पर सख़्ती , खाद्य विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश !
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और राशन वितरण में संभावित अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी कलेक्टरों को जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अब राशन सामग्री का वितरण मुख्य रूप से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ही किया जाएगा। बिना आधार सत्यापन के खाद्यान्न वितरण को हतोत्साहित करते हुए विभाग ने ओटीपी आधारित वितरण पर भी सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।
संचालनालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राज्य में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से किए जा रहे राशन वितरण के आंकड़ों का विश्लेषण किया। जांच में यह पाया गया कि कई उचित मूल्य दुकानों में आधार प्रमाणीकरण के बजाय ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है। जबकि “वन नेशन वन राशन कार्ड” योजना के तहत लाभार्थियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों में राशन वितरण हितग्राहियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही किया जाए। जिन राशन कार्डों में मुखिया और परिवार के सदस्यों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है, वहां आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। नॉमिनी के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए भी आधार आधारित प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू रहेगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब ई-पॉस मशीन पर आधार प्रमाणीकरण का प्रयास तकनीकी कारणों से असफल हो जाए, तब ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में उचित मूल्य दुकान संचालक को तत्काल संबंधित खाद्य निरीक्षक एवं तकनीकी टीम को सूचना देना अनिवार्य होगा ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके।
निर्देश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई उचित मूल्य दुकान संचालक आधार प्रमाणीकरण के बजाय ओटीपी आधारित वितरण को प्राथमिकता देता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं नेटवर्क और कनेक्टिविटी की समस्या वाले प्रदेश के लगभग 750 उचित मूल्य दुकानों में ही ऑफलाइन वितरण की व्यवस्था जारी रहेगी।
खाद्य विभाग के इस आदेश को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे वास्तविक हितग्राहियों तक ही राशन पहुंचेगा और फर्जी या अनधिकृत वितरण की शिकायतों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। अब पूरे प्रदेश में राशन दुकानों की कार्यप्रणाली पर विभाग की निगाहें और अधिक सख्त रहने वाली हैं।
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