मुलमुला थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का खुलेआम कारोबार: पुलिस संरक्षण के आरोप, युवाओं की बर्बादी और आमजन की परेशानी
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 30 मार्च 2026।
जांजगीर-चांपा/पामगढ़। मुलमुला आदर्श थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का कारोबार कुटीर उद्योग की तरह फल-फूल रहा है। थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों—मुलमुला, डेरा, कोसा, जेवरा, बोरसी, करूमहु और सोनसरी—में यह धंधा खुलेआम चल रहा है। शाम ढलते ही नवयुवक और शराबी सड़कों पर जमावड़ा लगाने लगते हैं। नशे में धुत लोग सड़क पर लेटे नजर आते हैं, एक-दूसरे से मारपीट या गाली-गलौज करते दिखते हैं। आम नागरिक इन गंदी हरकतों से काफी परेशान हैं। पूरा इलाका शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और प्रभावित परिवारों का आरोप है कि शराब कारोबारियों को मुलमुला पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। यही वजह है कि इन माफियाओं का हौसला बुलंद है। पुलिस कभी-कभार सिर्फ खानापूर्ति के लिए छापेमारी करती है, लेकिन कोई बड़ी या प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अभियान केवल कागजों तक सिमट कर रह जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस वाले अवैध महुआ शराब के कारोबार से लाभ उठाकर इसे और मजबूत बनाने में मदद कर रहे हैं। इससे आम लोगों में मुलमुला पुलिस पर भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
नशे का कहर और जानलेवा असर:
महुआ शराब के सेवन से पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। अस्पतालों में शराब से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस शराब में जहरीले रसायन मिलाए जाते हैं, जो मौत का कारण बन रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस इन कारोबारियों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। अवैध महुआ शराब के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई हो, ताकि युवाओं की बर्बादी रुके और आम जनजीवन सामान्य हो सके।
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