धरमजयगढ़ – धान उपार्जन केंद्रों को लेकर अब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, धरमजयगढ़ के उपार्जन केंद्रों में न केवल स्थानीय, बल्कि अन्य जगहों का धान भी खपाये जाने की आशंका जताई जा रही है। यदि यह सच साबित होता है, तो मामला साधारण गड़बड़ी नहीं, बल्कि अंतर-जिला स्तर पर फैले संगठित घोटाले का रूप ले सकता है। राज्य सरकार ने अवैध धान खरीदी पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नियम बनाए । ब्लॉक और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों सहित कई विभागों की जिम्मेदारी तय की गई । इसके बावजूद कथित तौर पर इतनी बड़ी अनियमितता का सामने आना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं निगरानी तंत्र कमजोर पड़ा या फिर नियमों को दरकिनार कर खेल खेला गया है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि जब पूरी व्यवस्था सतर्क बताई जा रही थी, तब भी इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? क्या यह केवल तंत्र की नाकामी है या फिर मिलीभगत का नतीजा इस पर अब सबकी नजरें टिक गई हैं। फिलहाल, पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच इस पूरे मामले से पर्दा उठा सकता है , उम्मीद है जल्द ही सच्चाई सामने आयेगी और पर्दे के पीछे छिपे चेहरे भी !