ए के एस विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी में आईसीआरआईडब्ल्यूईएसए-2026 अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन
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सतना। एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के जीवन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सतत कृषि विकास में अनुसंधान, नवाचार और महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीआरआईडब्ल्यूईएसए-2026 में नॉलेज पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एडू-मेंटर्स सोसायटी फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट के सहयोग से ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक और शोध संस्थानों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र में सम्मेलन संयोजक प्रो. अश्विनी ए. वाऊ ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि सम्मेलन की रूपरेखा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अशुतोष बेहरा ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ए. के. एस. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर इंजी. अनंत कुमार सोनी ने संबोधन दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो-वाइस चांसलर एवं आईक्यूएसी निदेशक प्रो. जी. सी. मिश्रा भी उपस्थित रहे।
अतिथि वक्ताओं के रूप में जीवन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. कमलेश चौरे तथा कंप्यूटर विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अखिलेश ए. वाऊ ने अपने विचार साझा किए। अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को सुदृढ़ करते हुए सोनी गुप्ता (एमिटी विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश), मोनालिसा दास (फकीर मोहन विश्वविद्यालय, बालासोर) तथा सब्जेक्ट एक्सपर्ट राशी मोंगिया ने भी अपने महिला शशक्तिकरण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए।
तकनीकी सत्रों में कृषि महाविद्यालय, रीवा के डॉ. प्रदीप मिश्रा तथा ए के एस विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. माही चौरे ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। सम्मेलन के दूसरे सत्र में इंडोनेशिया इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर लाइफ साइंसेज के प्रो.अरली आदित्य पारिकेसित ने आधुनिक अनुसंधान में जैव सूचना विज्ञान की भूमिका पर महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी। दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में चार विभिन्न विषयगत वर्गों में तकनीकी शोध-पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा, जिसमें कृषि और शोध क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
यह अंतरराष्ट्रीय मंच अनुसंधान, नवाचार और कृषि क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के समन्वय पर सार्थक विमर्श का माध्यम बना। सम्मेलन के ऑनलाइन सत्रों का संचालन अर्पित श्रीवास्तव ने किया तथा अंत में औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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