अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के डॉ. गौरव शुक्ला का प्रभावशाली व्याख्यान, शोध प्रस्तुति से सुश्री बबीता पटेल ने भी बढ़ाई प्रतिष्ठा।
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सतना। ए.के.एस. यूनिवर्सिटी, सतना के सीमेंट प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव शुक्ला ने विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन–2025 (ICETSTM–2025) में ऑनलाइन माध्यम से मुख्य वक्ता के रूप में अपना विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। “भारतीय सीमेंट निर्माण के लिए सतत प्रक्रिया नवाचार : नेट ज़ीरो की दिशा में प्रयास” विषय पर दिए गए उनके इस संबोधन में भारतीय सीमेंट उद्योग को शून्य कार्बन उत्सर्जन की ओर अग्रसर करने वाली तकनीकों, नीतियों और व्यवहारिक रणनीतियों का व्यापक विश्लेषण सामने आया।
डॉ. शुक्ला ने उन्नत प्रक्रिया सुधार, ऊर्जा–दक्ष प्रौद्योगिकियों, अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति तंत्र, वैकल्पिक ईंधन, कार्बन अवरोधन तकनीक तथा डिजिटल अनुकूलन जैसे महत्त्वपूर्ण उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि सतत प्रक्रिया अभियंत्रण, परिपत्र अर्थव्यवस्था और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन आने वाले औद्योगिक ढांचे को पर्यावरण–अनुकूल दिशा प्रदान करेंगे।
उसी सत्र में उनकी सहयोगी सुश्री बबीता पटेल ने भी इसी शोध विषय पर अपनी मौखिक प्रस्तुति दी, जिसकी तकनीकी गंभीरता और औद्योगिक उपयोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। उनकी प्रस्तुति ने विश्वविद्यालय की शोध क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक प्रतिष्ठा दिलाई।
सम्मेलन में देशभर से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, औद्योगिक विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों की सहभागिता रही, जिससे औद्योगिक कार्बन–मुक्ति, जलवायु संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर गहन एवं सार्थक चर्चा संभव हुई।
इस उपलब्धि को संभव बनाने में ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के बेसिक साइंस संकाय के डीन, डॉ. शैलेन्द्र यादव के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शोध–प्रधान दृष्टि, नवाचार–उन्मुख सोच और राष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्यों के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रमाणित करती है।
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