माइनिंग इंजीनियर्स को मिला प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण
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श्री रामाकृष्णा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड मैनेजमेंट करही कैंपस में माइनिंग एंड माइन सर्वेइंग डिपार्टमेंट के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का आयोजन देश की जानी मानी रेडक्रास संस्था सेंट जॉन एंबुलेंस द्वारा 19,20 और 21 मई को कॉलेज कैंपस में हुआ। सेंट जॉन रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से ट्रेनर के रूप में सिंगरौली से डॉ मुकुल किशोर और कॉर्डिनेटर के रूप में जयप्रकाश दुबे रहें। प्रशिक्षकों ने बताया कि दुर्घटनाएं मुख्यतः तीन कारणों से होती हैं – लापरवाही, अज्ञानता और जल्दबाजी। उन्होंने कहा कि घायलों की मृत्यु का प्रमुख कारण समय पर प्राथमिक चिकित्सा न मिलना है।
इसलिए माइनिंग के क्षेत्र में फर्स्ट एड ट्रेनिंग का महत्व बढ़ जाता है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से सीपीआर की ट्रेनिंग भी प्रदान की गई। रक्तस्राव रोकने के लिए तिकोनी पट्टी के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही सीपीआर द्वारा कृत्रिम श्वास देने की तकनीक भी सिखाई गई। इलेक्ट्रिक शॉक और एसिड बर्न जैसी स्थितियों में प्राथमिक उपचार का प्रैक्टिकल डेमो भी दिया गया। डॉ मुकुल किशोर के अनुसार वो खुद प्राथमिक चिकित्सा क्षेत्र में 22 वर्षों से और उनके सहयोगी 10 वर्षो से लोगों को जागरूक कर रहें हैं। यह जानना बेहद जरूरी है कि फर्स्ट एड के दौरान कौन से कदम उठाने चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए। फर्स्ट एड दुर्घटना या हादसे के बाद प्राथमिक उपचार होता है, जिसके बाद मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक है।
माइनिंग डिपार्टमेंट एचओडी बीएन मिश्रा ने कहा कि फर्स्ट एड की जानकारी सभी के पास होनी चाहिए विशेष रूप से माइनिंग इंजीनियर्स के पास ताकि आपात स्थिति में सही निर्णय लेकर किसी की जान बचाई जा सके। थोड़ी सी सतर्कता और प्राथमिक उपचार के सही तरीके जानना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण में पॉलीटेक्निक माइनिंग और बीटेक माइनिंग के सभी विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता दिखाई।
आयोजन की सफलता पर संस्था प्रमुख शम्मी पुरी जी ने सेंट जॉन एंबुलेंस टीम और माइनिंग डिपार्टमेंट को धन्यवाद दिया। संस्थान की ओर से डॉ मुकुल किशोर और उनके सहयोगी जयप्रकाश दुबे जी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डायरेक्टर टेक्निकल विंग डॉ अग्निवेश अग्निहोत्री, एकेडमिक डायरेक्टर शुभी खरे, माइनिंग डिपार्टमेंट एचओडी बीएन मिश्रा, वरिष्ठ प्रोफेसर रामाभिलाष सर, नितिननाथ पांडे, सरल तिवारी, सुमित तिवारी, अनिकेत कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
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