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March 4, 2026

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प्यार की डोर बनी गले का फंदा, रुपँगा का संधिग्ध मामले का सच सामने आया, पति ने ही छीन ली  गिरिजा की जिंदगी…

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धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के रूपुंगा गांव में विवाहिता गिरिजा इनसेना की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह सुलझ चुका है, और इसका अंत जितना दर्दनाक है, उतना ही चौंकाने वाला भी।
जिस रिश्ते की डोर सात फेरों से बंधी थी, उसी ने उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया — पति गंगाधर इनसेना ने खुद स्वीकार किया है कि उसने ही अपनी पत्नी की हत्या की।

यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब गिरिजा की संदिग्ध मौत की खबर को स्थानीय व क्षेत्रीय मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। महिला के शव पर गला कसने और चोट के स्पष्ट निशानों की जानकारी जैसे-जैसे सामने आई, वैसे-वैसे यह मामला आत्महत्या से हटकर हत्या की ओर मुड़ता गया। मीडिया की कवरेज और पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई के चलते पूरे मामले का सच चंद दिनों में ही सामने आ गया ! पुलिस ने आरोपी पति गंगाधर डनसेना ( 23) को गिरफ्तार कर लिया है , और आगे की कार्रवाई की जा रही है !

मृतका के भाई दुर्गा प्रसाद इनसेना द्वारा धरमजयगढ़ थाने में दिए गए लिखित आवेदन ने भी पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दिया। उन्होंने ससुराल पक्ष पर लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि गिरिजा ने कुछ दिन पहले ही अपने मायके फोन कर कहा था कि जैसे ही घर का निर्माण कार्य पूरा होगा, वह मायके लौटेगी। मगर किसे पता था कि वो लौटेगी, तो अर्थी पर।

विवाह वर्ष 2018 में हुआ था, और इसके दो साल बाद से ही पति-पत्नी के बीच मतभेद शुरू हो गए थे। कई बार समझौते की कोशिशें की गईं, लेकिन गंगाधर की हिंसक प्रवृत्ति कभी नहीं बदली। आखिरकार, एक दिन यह कलह हत्या में बदल गई।

पुलिस ने जब गहन पूछताछ की, तो गंगाधर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और चार्जशीट तैयार की जा रही है।

धरमजयगढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत तमाम साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। आरोपी के अतिरिक्त अन्य कोई सह आरोपी होने की बात सामने नहीं आई है !

परिजनों ने गिरिजा को न्याय दिलाने और दोषी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है ! पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए उसे जेएमएफसी न्यायालय घरघोड़ा में पेश किया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक सुधो भगत, आरक्षक कमलेश्वर राठिया, अलेक्सियुस एक्का और महिला आरक्षक संगीता भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।।

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