पत्थलगांव में शासकीय अराजकता: पंचायत सचिवों की जान दांव पर, प्रशासन की पत्थरदिली……..
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मुख्य बातें:
अनिश्चितकालीन जीवन-त्याग:
अपनी न्यायोचित मांग, शासकीयकरण को लगातार ठुकराए जाने से हताश पंचायत सचिवों ने अब जीवन-त्याग का रास्ता चुना है। यह कदम प्रशासन की संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है।

प्रशासनिक मुख्यालय पर धरना:
जनपद कार्यालय के बाहर नवनिर्मित दुकानों के सामने रामदुलार पटेल, जोन कुजूर, संतराम बेसरा, रतन चौहान और राकेश किण्डो जैसे प्रतिबद्ध सचिव अपनी जान जोखिम में डालकर बैठे हैं। क्या पत्थलगांव का प्रशासन इनकी आह भी नहीं सुन रहा?

भाजपा के वादे का उल्लेख:
सचिवों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ‘मोदी की गारंटी’ के साथ सचिवों का शासकीयकरण करने का वादा किया था। हालांकि, सत्ता में डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
वरिष्ठों का तीखा हमला:
भूख हड़ताल पर बैठे रामदुलार पटेल और संतराम बेसरा ने सरकार को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का घोषणा पत्र एक झूठा दस्तावेज निकला। छह महीने से जारी शांतिपूर्ण विरोध को प्रशासन ने नजरअंदाज किया, अब क्या सरकार किसी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
ग्रामीण अर्थव्यवस्था ठप:
सचिवों की इस निर्णायक हड़ताल के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन वितरण प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं दम तोड़ रही हैं। क्या सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं?
सरपंच बेबस:
नवनियुक्त सरपंच, जो विकास की उम्मीद लेकर आए थे, सचिवों की अनुपस्थिति में असहाय महसूस कर रहे हैं। डिजिटल हस्ताक्षर और वित्तीय लेनदेन जैसे बुनियादी कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। यह किसका प्रशासनिक दिवालियापन है?

विस्तृत खबर:
पत्थलगांव में सरकार की कथित शासकीय अराजकता चरम पर है। अपने भविष्य को अंधकारमय होता देख, पंचायत सचिवों ने अब अनिश्चितकालीन जीवन-त्याग का दुस्साहसिक कदम उठा लिया है। जनपद कार्यालय के सामने पाँच सचिवों का यह मौन विरोध प्रदर्शन सरकार की पत्थरदिली और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
यह सवाल अब पत्थलगांव की सड़कों पर गूँज रहा है कि आखिर क्यों सरकार अपने ही कर्मचारियों की जायज मांगों को अनसुना कर रही है? ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर वोट बटोरने वाली भाजपा आज अपने वादे से क्यों मुकर रही है? पाँच साल का लंबा इंतजार और अनगिनत अपीलों के बाद, सचिवों के पास अब अपनी जान दांव पर लगाने के सिवा कोई और चारा नहीं बचा है।
भूख हड़ताल पर बैठे वरिष्ठ सचिवों ने सरकार को ललकारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का घोषणा पत्र सिर्फ एक चुनावी हथकंडा था, जिसका वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं। छह महीने तक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब सचिव अपनी जान देकर सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस हड़ताल का खामियाजा सीधे-सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। गरीबों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन वितरण प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सचिवों की अनुपस्थिति के कारण दम तोड़ रही हैं। क्या सरकार को उन लाखों जरूरतमंदों की कोई चिंता नहीं है, जो इन योजनाओं पर निर्भर हैं?
नवनियुक्त सरपंच, जो गाँव के विकास का सपना लेकर आए थे, आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सचिवों के बिना वे डिजिटल हस्ताक्षर तक नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वित्तीय लेनदेन पूरी तरह से रुक गया है। यह प्रशासनिक अक्षमता और दिशाहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पंचायत सचिवों की यह जानलेवा हड़ताल सरकार की नींद तोड़ पाती है या नहीं। क्या पत्थलगांव का प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है, तभी उसकी आँखें खुलेंगी? यह सिर्फ पंचायत सचिवों का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता और जवाबदेही का इम्तिहान है।
आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम:
यहाँ प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ द्वारा जारी किए गए आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम दिया गया है:
| क्रमांक | दिनांक से दिनांक तक | आयोजित रूपरेखा का विवरण |
| 01. | 02.04.2025 से 06.04.2025 तक | जनपद स्तर पर हल्ला बोल |
| 02. | 07.04.2025 | जिला स्तर पर रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना। |
| 03. | 08.04.2025 | जनपद स्तर पर मशाल जलाकर विरोध प्रदर्शन। |
| 04. | 09.04.2025 | जनपद स्तर पर रामधुन एवं हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध प्रदर्शन। |
| 05. | 10.04.2025 | जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल। |
| 06. | 11.04.2025 | जनपद स्तर पर सामूहिक सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ। |
| 07. | 12.04.2025 | जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल जारी। |
| 08. | 13.04.2025 | जनपद स्तर पर सामूहिक सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ। |
| 09. | 14.04.2025 | जनपद स्तर पर हड़ताल परिसर में डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयंती मनाना। |
| 10. | 15.04.2025 से 19.04.2025 तक | प्रदेश के समस्त सचिव जंतर-मंतर मैदान दिल्ली हेतु रवाना। |
| 11. | 20.04.2025 | प्रदेश के समस्त सचिव जंतर-मंतर मैदान, दिल्ली में क्रमिक भूख हड़ताल। |
| 12. | 21.04.2025 से मांग पूरी होने तक | जंतर-मंतर मैदान, दिल्ली में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल। |
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