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तहसीलदार के हस्ताक्षर के बिना ही मिल गया कब्जा! पटवारी ने अकेले कर दिया खेल ?

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सुशासन तिहार में शिकायत के बाद बेजा कब्जा प्रकरण फिर चर्चा में, दस्तावेज की वैधता पर उठे सवाल !


धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर के आश्रित ग्राम गवरघुटरी (भवरखोल) में शासकीय भूमि पर कथित बेजा कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि लक्ष्मीपुर निवासी एक व्यक्ति, जो वर्तमान में शासकीय सेवा में पदस्थ है, ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर मकान का निर्माण किया है। अब इस मामले से जुड़े बेजा कब्जा रजिस्टर के दस्तावेज सामने आने के बाद कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।
सामने आए दस्तावेज में पटवारी के हस्ताक्षर और कार्यालयीन सील तो दिखाई दे रही है, लेकिन तहसीलदार के हस्ताक्षर गायब हैं। दस्तावेज पर केवल तहसील कार्यालय की सील लगी हुई है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर बिना सक्षम राजस्व अधिकारी के विधिवत हस्ताक्षर के किसी बेजा कब्जे संबंधी प्रविष्टि या दस्तावेज को किस आधार पर मान्यता दी गई।


गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही ग्राम खम्हार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित भूमि पर कब्जे को वैधता दिलाने के लिए पटवारी स्तर पर सांठगांठ की गई है तथा राजस्व अभिलेखों में मनमाने ढंग से प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
अब जब बेजा कब्जा रजिस्टर से संबंधित ऐसा दस्तावेज सामने आया है, जिसमें पटवारी के हस्ताक्षर तो हैं लेकिन तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हैं, तो ग्रामीणों के आरोपों को और बल मिलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दस्तावेज वास्तव में अधूरा या अप्रमाणित है तो इसकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इसे किस प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है।
हालांकि मामले में राजस्व विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दस्तावेज की वैधता, प्रविष्टियों की सत्यता तथा कथित बेजा कब्जे की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष सक्षम अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

जनदर्शन में भी होगी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि सुशासन तिहार में आवेदन देने के साथ ही वे इस मामले को कलेक्टर जनदर्शन में भी ले जायेंगे और सारे तथ्यों की जाँच और आवश्यक कार्रवाई की माँग करेंगे !

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