हरेली तिहार पर कोहका में 100 मीटर दौड़: नन्हे-मुन्नों से युवाओं तक दिखा खेल का जोश, ग्रामीणों ने बढ़ाया हौसला
1 min read
जांजगीर-चांपा/कोहका (पामगढ़), 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर ग्राम कोहका में आयोजित 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता ने पूरे गांव को उत्साह और उमंग से भर दिया। नन्हे बालक-बालिकाओं से लेकर युवाओं तक ने अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने तालियों और प्रोत्साहन भरी आवाजों से उनका हौसला बढ़ाया।

हरेली तिहार को पारंपरिक तरीके से मनाने के साथ-साथ बच्चों और युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। खेल मैदान में प्रतिभागियों के बीच जीत की होड़ देखने लायक थी।

बालक वर्ग में दुर्गेश कुमार नागेश रहे प्रथमनन्हे बालकों की 100 मीटर दौड़ में दुर्गेश कुमार नागेश ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि पृथ्वीराज दिवाकर द्वितीय स्थान पर रहे। दोनों के शानदार प्रदर्शन पर उपस्थित ग्रामीणों ने खूब तालियां बजाईं।

बालिका वर्ग में शालिनी खटकर ने मारी बाजीबालिका वर्ग में शालिनी खटकर ने प्रथम और आरती कुर्रे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

युवा वर्ग में क्षानेश्वर कुर्रे और चन्द्राकांत साहू का दबदबायुवाओं की दौड़ में क्षानेश्वर कुर्रे प्रथम और मनीष भैना द्वितीय स्थान पर रहे। दूसरे चरण में चन्द्राकांत साहू ने प्रथम तथा आयुष कुर्रे ने द्वितीय स्थान हासिल किया। युवा प्रतिभागियों ने पूरे जोश और दमखम के साथ दौड़ लगाई।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थितिप्रतियोगिता को देखने और प्रोत्साहित करने के लिए सरपंच प्रतिनिधि हेमंत कुमार खटकर, रोजगार सहायक संजय कुमार कुर्रे, दलित अधिकार अभियान संगठन कोहका के अध्यक्ष इतवारी लाल खटकर, शिक्षक सुमांशु बंजारे, सामाजिक कार्यकर्ता रजनीकांत रत्नाकर सहित शिवलाल कुर्रे, अमृत मैना, रामकुमार कुर्रे, त्रिलोचन भैना और अविनाश जांगड़े उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को सफल बनाया।
आयोजकों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। हरेली जैसे पारंपरिक पर्व पर खेल प्रतियोगिता आयोजित करने से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ती है और साथ ही अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका भी पाती है।
ग्राम कोहका की इस 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता ने साबित कर दिया कि गांव की मिट्टी में भी खेल प्रतिभाएं कम नहीं हैं। पूरे आयोजन ने गांव में उत्साह, उमंग और आपसी सहभागिता का अनोखा माहौल बना दिया।
Subscribe to my channel